नई दिल्ली: अक्सर जब शरीर बीमार होता है, लोग बिना कारण जाने दवा ले लेते हैं और खुद को ठीक समझ लेते हैं। दवा अस्थायी राहत देती है, लेकिन कुछ समय बाद बीमारी फिर से शरीर पर हावी हो जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार, केवल बीमारी का इलाज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारी की जड़ को समझना और उसे खत्म करना आवश्यक है। यदि बीमारी की असली वजह पहचान ली जाए, तो शरीर स्वाभाविक रूप से स्वस्थ हो जाता है।

आयुर्वेद में यह माना गया है कि बाहरी वातावरण शरीर को प्रभावित करता है, लेकिन बीमारी की असली जड़ हमारे भीतर ही छिपी होती है। इसे समझने के लिए रोग की जड़ को तीन भागों में बांटा गया है। इन आदतों और कारणों को पहचानकर सुधार करने से रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।

पहली जड़ है प्रज्ञापराध। इसका मतलब है जानबूझकर ऐसी आदतें अपनाना, जो शरीर को बीमार होने के लिए कमजोर बनाती हैं। इसमें भूख न लगने पर भी खाना, थकान के बावजूद आराम न करना, रोज़ाना गुस्सा या चिंता करना, नींद की अनदेखी करना और गलत खान-पान शामिल हैं। ये आदतें किसी भी स्वस्थ शरीर को बीमार करने के लिए पर्याप्त हैं।

दूसरी जड़ है अग्नि का नाश। शरीर की पाचन अग्नि सिर्फ भोजन पचाने में मदद नहीं करती, बल्कि यह पूरे शरीर की ऊर्जा और ओज का केंद्र है। प्रज्ञापराध से पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है और भोजन सही तरीके से नहीं पचता। परिणामस्वरूप, चाहे कितना भी पौष्टिक खाना खाया जाए, शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता और शरीर में धीरे-धीरे ‘आम’ जमा होने लगता है।

तीसरी जड़ है दोषों का असंतुलन। शरीर में तीन दोष—वात, पित्त और कफ—संतुलित होने पर शरीर रोगों से दूर रहता है। लेकिन अग्नि के नाश और आम के जमाव से ये दोष असंतुलित हो जाते हैं। इससे पेट, श्वसन तंत्र, हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़े रोग उत्पन्न होते हैं। अक्सर लोग इसे सामान्य मानकर सिर्फ दवा लेकर ठीक होने की कोशिश करते हैं। दवा लेना जरूरी है, लेकिन बीमारी की जड़ को पहचानकर उसका सही इलाज करना ही स्थायी स्वास्थ्य का मार्ग है। (With inputs from IANS)

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अगर आप इन हानिकारक आदतों को नहीं छोड़ते, तो यह गंभीर बीमारियों को बढ़ावा दे रही हैं।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.