सर्दियों में इन पांच चीजों का सेवन बिगाड़ सकता है स्वास्थ्य, परहेज करना जरूरी

नई दिल्ली: सर्दियों में अक्सर लोग यह सोचते हैं कि कौन से खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि किन चीजों से परहेज करना भी बेहद जरूरी है। ठंडी हवा और कम तापमान में शरीर का पाचन धीमा हो जाता है और भूख अधिक बढ़ जाती है।
शरीर अपनी गर्मी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण अंगों में रक्त प्रवाह कम कर देता है, जिससे अंग सामान्य से धीमे काम करने लगते हैं। ऐसे में कुछ खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन अनजाने में स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है और बीमारियों का कारण बन सकता है।
सर्दियों में सबसे पहले दही से परहेज करना चाहिए। दही ठंडी तासीर का होता है और इससे कफ की वृद्धि होती है। इसके अधिक सेवन से सर्दी, जुकाम, साइनस, सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से नुकसानदायक है, जिन्हें पहले से सर्दी या सांस की समस्या रहती हो।
दूसरा है खीरा। सर्दियों में खीरे का सेवन पाचन अग्नि को कमजोर करता है। पाचन धीमा होने के कारण भोजन ठीक से पचता नहीं और पेट में खराबी, गैस या भारीपन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसकी ठंडी तासीर भी खांसी और गले की खराश का कारण बन सकती है।
तीसरे नंबर पर अंकुरित अनाज आते हैं। ये प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर होते हैं, लेकिन कच्चे या आधे उबले होने पर इन्हें पचाने में पेट को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे गैस, पेट दर्द और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
चौथा है अत्यधिक मीठी चीजें। सर्दियों में अधिक मिठास का सेवन वात और कफ दोष को बढ़ाता है। अक्सर लोग गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, जो कई मामलों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन कफ की समस्या वाले लोग इसका सेवन सीमित मात्रा में करें।
पांचवां और अंतिम है चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन। सर्दियों में लोग शरीर को गर्म रखने के लिए इन पेयों का अधिक सेवन करते हैं। लेकिन इससे पेट में जलन, वात दोष में वृद्धि और हृदय या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सर्दियों में इन पांच चीजों – दही, खीरा, अंकुरित अनाज, अत्यधिक मीठा और अधिक चाय या कॉफी – से परहेज करना चाहिए। सही आहार और संयमित भोजन अपनाकर आप सर्दियों में स्वस्थ रह सकते हैं और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं। (With inputs from IANS)


