शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में जिद, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण केंद्र की मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी अहम परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है।

ठाकुर ने कहा कि यदि नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क समय पर पूरा हो जाता, तो यह हिमाचल प्रदेश के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होता। लेकिन राजनीतिक तिकड़म और दुर्भावना के चलते सुक्खू सरकार ने राज्यहितों को नजरअंदाज किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में समान परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जहां कंपनियों को प्लॉट और निवेश सुनिश्चित किए जा चुके हैं।

इन परियोजनाओं से वेंटिलेटर और पेसमेकर जैसी मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिल रहा है और देश में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है।

ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कठिन प्रतिस्पर्धा के बाद हासिल की गई यह परियोजना अब राज्य सरकार की हठधर्मिता के कारण रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी, जिसे राज्य सरकार ने वापस लौटा दिया।

ठाकुर ने कहा कि मार्च 2025 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य था, लेकिन लगभग 10,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश और 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर अनिश्चितता में फंसे हुए हैं। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई और बताया कि 400 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियों के कारण ‘हिमकेयर’ योजना प्रभावित हुई है। इसके अलावा आयुष्मान भारत और सहारा योजनाओं के तहत 370 करोड़ रुपये बकाया हैं।

भुगतान न होने के कारण आपूर्तिकर्ताओं ने सर्जिकल सामान और दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है, जिससे गरीब मरीजों के ऑपरेशन टल रहे हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को महंगी दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। ठाकुर ने कहा कि एक ओर सरकार भुगतान में असमर्थ है, वहीं बड़े अस्पताल फीस बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। (With inputs from IANS)

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जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं।
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