कमल मुद्रा: चिंता और बेचैनी दूर, बढ़ाए सकारात्मक सोच

आज की तेज़-तर्रार और तनावपूर्ण जिंदगी में लोग अक्सर शारीरिक से अधिक मानसिक थकान महसूस करते हैं। ऐसे में योग जीवन में संतुलन बनाए रखने और मानसिक शांति पाने का एक प्रभावी साधन बन सकता है। योग में कई मुद्राएं और आसन हैं जो शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचाते हैं। इनमें से एक प्रमुख मुद्रा है सुखासन में पद्म मुद्रा, जिसे कमल मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह मुद्रा शरीर और मन दोनों को स्थिरता देती है और ध्यान को भीतर की ओर केंद्रित करने में मदद करती है।
पद्म मुद्रा का नाम संस्कृत शब्द 'पद्म' से लिया गया है, जिसका अर्थ है कमल। इस मुद्रा में सुखासन में बैठकर पैर कमल की तरह क्रॉस किए जाते हैं। इससे शरीर स्वाभाविक रूप से स्थिर रहता है और मानसिक ध्यान गहराई से केंद्रित होता है। जब इसे नियमित रूप से किया जाता है, तो शरीर में ऊर्जा का संतुलित प्रवाह होता है और हृदय चक्र सक्रिय रहता है। यह मुद्रा उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है, जो भावनात्मक दबाव, डर या नकारात्मक सोच से जूझ रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पद्म मुद्रा अत्यंत प्रभावी है। यह गहरी और शांत श्वास को प्रोत्साहित करती है, जिससे नर्वस सिस्टम को राहत मिलती है। तनाव और चिंता की स्थिति में यह मन को स्थिर करने में मदद करती है और धीरे-धीरे अवसाद और बेचैनी जैसी मानसिक समस्याओं को कम करती है।
पद्म मुद्रा का अभ्यास पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है। इससे एसिडिटी, अपच और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं में भी राहत मिलती है। इसके अलावा, यह मुद्रा शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को संतुलित करती है, जिससे थकान कम होती है और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।
नियमित अभ्यास से केवल मन ही शांत नहीं होता, बल्कि सोच सकारात्मक और जीवन संतुलित बनने लगता है। सुखासन में पद्म मुद्रा तनाव कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने, पाचन सुधारने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में एक सरल लेकिन प्रभावी योग अभ्यास है।
यदि आप रोजाना कुछ मिनट इसका अभ्यास करें, तो यह शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होगा।
With Inputs From IANS


