कैंसर का नाम सुनते ही मन में डर बैठ जाता है,क्योंकि इसके इलाज के लिए कोई दवाई नहीं है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के 2026 के एक नए विश्लेषण ने दुनिया को एक नई उम्मीद दी है. रिसर्चर के अनुसार, दुनिया भर में कैंसर के 10 में से 4 मामलों को केवल सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर रोका जा सकता है. इस स्टडी में 185 देशों के आंकड़ों और 36 प्रकार के कैंसर का विश्लेषण किया गया. रिसर्चर ने पाया कि 2022 में दर्ज किए गए लगभग 70 लाख नए मामले (37%) ऐसे कारणों से जुड़े थे जिन्हें रोका जा सकता था.

कैंसर के प्रमुख रोके जाने वाले कारण

यह सबसे बड़ा कारण है, जो ग्लोबल लेवल पर 15 प्रतिशत नए कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार है. लगभग 10 प्रतिशत मामले संक्रमण के कारण होते हैं. कैंसर के 3 प्रतिशत मामलों का सीधा संबंध शराब के सेवन से पाया गया. मोटापा (High BMI), शारीरिक निष्क्रियता, वायु प्रदूषण और अल्ट्रावाइलेट विकिरण (UV Radiation). रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में रोके जाने वाले कैंसर का बोझ अधिक है. पुरुषों में 45 प्रतिशत नए मामले रोकथाम योग्य कारणों से होते हैं, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत है. धूम्रपान (23%) सबसे बड़ा खतरा है, इसके बाद संक्रमण (9%) और शराब (4%) का नंबर आता है. संक्रमण (11%) मुख्य कारण है, जिसके बाद धूम्रपान (6%) और बढ़ता वजन या मोटापा (3%) शामिल हैं.

फेफड़े, पेट और सर्वाइकल कैंसर: सबसे घातक

दुनिया भर में रोके जा सकने वाले कुल कैंसर मामलों में से लगभग आधे मामले फेफड़े, पेट और सर्वाइकल कैंसर के हैं.

फेफड़ों का कैंसर- मुख्य रूप से धूम्रपान और वायु प्रदूषण से जुड़ा है.

पेट का कैंसर-'हेलिकोबैक्टर पाइलोरी' संक्रमण के कारण होता है.

सर्वाइकल कैंसर-'ह्यूमन पेपिलोमावायरस' (HPV) इसका मेन कारण है, जिसे टीकाकरण (Vaccination) से रोका जा सकता है.

समाधान: क्या कहती है रिपोर्ट?

IARC की सीनियर राइटर इसाबेल सोरजोमातारम के अनुसार, इन कारणों पर ध्यान देना ग्लोबल लेवल पर कैंसर को कम करने का सबसे अच्छा मौका है.

  • तंबाकू और शराब नियंत्रण के कड़े नियम.
  • कैंसर पैदा करने वाले संक्रमणों के खिलाफ टीकाकरण.
  • हवा की गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षित कार्यस्थल.
  • स्वस्थ खान-पान और फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ावा देना.
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WHO और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के 2026 के एक नए विश्लेषण ने दुनिया को एक नई उम्मीद दी है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative