मलेरिया के खिलाफ वैश्विक जंग में टीके (Vaccines) एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि केवल टीकों के भरोसे इस जानलेवा बीमारी को हराना मुमकिन नहीं है. जॉन्स हॉपकिन्स मलेरिया रिसर्च इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. जेन एम. कार्लटन ने हाल ही में बढ़ते मलेरिया के खतरों और इसके पीछे की चुनौतियों पर गंभीर चेतावनी दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में मलेरिया के मामलों में भारी उछाल देखा गया है. 2024 में मलेरिया के 282 मिलियन मामले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में 9 मिलियन अधिक हैं. वहीं, मौतों का आंकड़ा भी बढ़कर 6,10,000 तक पहुंच गया है. डॉ. जेन कार्लटन के अनुसार, मलेरिया मानव इतिहास की सबसे घातक और बोझिल बीमारियों में से एक बनी हुई है.

संक्रमण बढ़ने के 4 मुख्य कारण (Why Cases are Rising?)

एक्सपर्ट ने मलेरिया नियंत्रण में आ रही बाधाओं के लिए चार प्रमुख जैविक कारकों को जिम्मेदार ठहराया है. दवा प्रतिरोध (Drug Resistance)-मलेरिया का परजीवी 'आर्टेमिसिनिन' (Artemisinin) जैसी प्रमुख दवाओं के खिलाफ जीवित रहना सीख गया है. अफ्रीका के कम से कम आठ देशों में यह प्रतिरोध देखा गया है.

मच्छरों का प्रतिरोध (Mosquito Resistance)- मच्छर अब उन कीटनाशकों के प्रति प्रतिरोधी (Immune) हो गए हैं जिनका उपयोग मच्छरदानियों में किया जाता है. अदृश्य परजीवी (Invisible Parasites)- मलेरिया के नए म्यूटेंट स्ट्रेन विकसित हुए हैं जो मानक रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) की पकड़ में नहीं आते, जिससे इनका इलाज मुश्किल हो गया है.

वैक्सीन की सीमाएं- नई वैक्सीन (RTS, S और R21) 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं हैं. साथ ही, इनकी 4 खुराक की जरूरत ग्रामीण इलाकों में एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती है.

मलेरिया के लक्षण और बचाव

मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है. बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, भ्रम और सांस लेने में कठिनाई. WHO की सलाह, मच्छरदानी (Nets), रिपेलेंट्स और सुरक्षात्मक कपड़ों का इस्तेमाल करें. अधिकतम सुरक्षा के लिए टीकों के साथ-साथ कीमोप्रोफिलैक्सिस (Chemoprophylaxis) का मिश्रण जरूरी है.

उम्मीद की नई किरण: GanLum दवा

चुनौतियों के बाद भी डॉ. कार्लटन ने GanLum (Ganaplacide/Lumefantrine) नामक एक नए उपचार का उल्लेख किया है. यह पिछले 25 वर्षों में मलेरिया के इलाज के लिए दवाओं का पहला नया वर्ग है. उनका मानना है कि नई मच्छरदानियों, अलग-अलग उपचार प्रणालियों और टीकों के बहुआयामी उपयोग से इस बीमारी को जड़ से खत्म करना मुमकिन है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में मलेरिया के मामलों में भारी उछाल देखा गया है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative