पाकिस्तान ने वर्ष 2026 का पहला राष्ट्रव्यापी पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। यह विशेष अभियान 2 फरवरी से 8 फरवरी तक चलेगा, जिसके तहत देशभर में 4.5 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (NEOC) के अनुसार, यह अभियान पोलियो उन्मूलन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री की पोलियो उन्मूलन मामलों की फोकल पर्सन आयशा रज़ा फारूक ने किया। उद्घाटन कार्यक्रम में यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिन्होंने अभियान के महत्व पर जोर दिया और सरकार के प्रयासों को समर्थन दिया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए आयशा रज़ा फारूक ने कहा कि पोलियो उन्मूलन पाकिस्तान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक देश से पोलियो का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक इस तरह के सघन और नियमित टीकाकरण अभियानों को जारी रखा जाएगा। उनके अनुसार, यह अभियान न केवल बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि देश के स्वास्थ्य भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी बेहद अहम है।

पाकिस्तान उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां अब भी पोलियो स्थानिक बीमारी के रूप में मौजूद है। इसी कारण सरकार ने टीकाकरण अभियानों को और अधिक व्यापक, सख्त और प्रभावी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इस अभियान के तहत 4 लाख से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और स्वयंसेवक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। इसके साथ ही, वे माता-पिता को पोलियो के खतरे और टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक भी करेंगे।

पोलियो एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। यह वायरस तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है और कुछ ही घंटों में स्थायी लकवे का कारण बन सकता है। यह संक्रमण आमतौर पर मल-मौखिक मार्ग से फैलता है, यानी दूषित पानी या भोजन के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। आंतों में पनपने के बाद यह वायरस शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच जाता है।

पोलियो के शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन में जकड़न और हाथ-पैरों में दर्द शामिल हैं। हर 200 में से लगभग एक संक्रमित व्यक्ति में स्थायी लकवा हो सकता है, जो अधिकतर पैरों को प्रभावित करता है। गंभीर मामलों में, लकवाग्रस्त मरीजों में से 5 से 10 प्रतिशत की मृत्यु सांस लेने वाली मांसपेशियों के निष्क्रिय हो जाने के कारण हो जाती है।

यह बीमारी मुख्य रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है, लेकिन बिना टीकाकरण वाला कोई भी व्यक्ति इसके जोखिम में आ सकता है। पोलियो का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। समय पर और बार-बार दी जाने वाली पोलियो वैक्सीन बच्चे को जीवनभर सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

वर्तमान में पोलियो से बचाव के लिए दो प्रकार की वैक्सीन उपलब्ध हैं—ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) और इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (IPV)। दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती हैं और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इनका इस्तेमाल किया जाता है।

सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और स्वास्थ्यकर्मियों के संयुक्त प्रयासों से पाकिस्तान पोलियो उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि देश को पोलियो मुक्त बनाने के लक्ष्य के और करीब पहुंचा जा सकेगा।

With Inputs From IANS

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पाकिस्तान ने 2026 का पहला राष्ट्रव्यापी पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.