पार्किंसंस ये नाम सुनकर आपको थोड़ा अजीब लग सकता है, क्योंकि ये नाम दिमाग में होने वाले एक विकार का है. लेकिन इसके नाम से ज्यादा जरूरी है इसके खतरे के बारे में जानना. दरअसल, पार्किंसंस एक प्रोग्रेसिव ब्रेन का एक विकार है, जो मुख्य रूप से उम्रदराज लोगों को प्रभावित करता है. भारत में इसके मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. NIMHANS के रिसर्चर ने पाया है कि भारतीय और पूर्वी एशियाई मरीजों में पाया जाने वाला LRRK2 I1371V वैरिएंट ग्लोबल लेवल पर सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले G2019S म्यूटेशन की तुलना में ब्रेन सेल को अधिक नुकसान पहुंचाता है.

गलत वर्गीकरण से बढ़ा खतरा

इंटरनेशनल जर्नल 'सेल्स' में जारी इस स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक I1371V म्यूटेशन को 'गैर-रोगजनक' (Non-pathogenic) माना जाता रहा. इस गलत वर्गीकरण के कारण, गंभीर मोटर लक्षण (चलने-फिरने में दिक्कत), कम उम्र में बीमारी की शुरुआत और याददाश्त में कमी जैसी समस्याओं के बावजूद वैज्ञानिक इसके प्रभाव का सही आकलन नहीं कर पा रहे थे.

भारतीय मरीजों के लिए अलग है इलाज की राह

डॉ. इंद्राणी दत्ता ने बताया कि ग्लोबल लेवल पर प्रसिद्ध G2019S म्यूटेशन केवल 0.1% से भी कम भारतीय मरीजों में पाया जाता है. ऐसे में जो दवाएं पश्चिमी देशों के मरीजों पर काम करती हैं, वे भारतीयों के लिए उतनी प्रभावी नहीं हो सकतीं. टीम ने I1371V म्यूटेशन वाली कोशिकाओं पर दो दवाओं (MLi-2 और GW5074) का परीक्षण किया.रिसर्च में पाया गया कि GW5074 दवा, कोशिका की संरचना को बहाल करने और डोपामाइन ट्रांसपोर्टर फंक्शन को रिकवर करने में MLi-2 से कहीं बेहतर साबित हुई.

क्या है इस रिसर्च का मुख्य निष्कर्ष?

आसान शब्दों में कहें तो पार्किंसंस के एक वैरिएंट के लिए काम करने वाली दवा दूसरे वैरिएंट के लिए प्रभावी नहीं हो सकती. भारतीय मरीजों में होने वाला नुकसान मुख्य रूप से प्रोटीन के GTPase डोमेन के कारण होता है, जबकि वर्तमान में उपलब्ध अधिकांश दवाएं 'काइनेज' (Kinase) डोमेन को फोकस करती हैं.

पार्किंसंस के लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज

  • हाथों या पैरों में कंपन (Tremors)
  • मांसपेशियों में जकड़न और चलने की गति धीमी होना.
  • शरीर का संतुलन बनाने में कठिनाई.
  • बोलने और लिखने के तरीके में बदलाव.
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Topic:

भारतीय मरीजों में पार्किंसंस के इलाज की नई उम्मीद जगी है. रिसर्चर ने इन मरीजों के एक खोज की है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative