विशेषज्ञों का कहना है कि बुज़ुर्ग लोग जो सोते समय अपने सपनों को सचमुच करने लगते हैं, या जिनके शारीरिक हाव-भाव धीमे हो जाते हैं और जोड़ों में गठिया जैसी अकड़न महसूस होती है, उनमें पार्किंसंस रोग के शुरुआती (prodromal) लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में अकड़न, कंपकंपी और शरीर का संतुलन बिगड़ना भी शामिल हैं. हालांकि, कई लोग इन चेतावनी भरे संकेतों को समय पर पहचान नहीं पाते, जिससे यह बीमारी और भी गंभीर होती जाती है.

वर्ल्ड पार्किंसंस दिवस की पूर्व संध्या पर एक्सपर्ट ने इस बात पर जोर दिया. पार्किंसंस एक लगातार बढ़ने वाला न्यूरोडीजेनेरेटिव (तंत्रिका तंत्र से जुड़ा) विकार है, जो दिमाग में डोपामाइन बनाने वाली कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) के नष्ट होने के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को प्रभावित करता है. KGMU के न्यूरोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख, प्रो. रविंद्र कुमार गर्ग ने कहा: "सपनों को सचमुच करने की स्थिति को 'रैपिड आई मूवमेंट (REM) स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर' के नाम से जाना जाता है. यह स्थिति बीमारी के आम लक्षण दिखाई देने से कई साल पहले ही सामने आ सकती है."

ये होते हैं शुरुआती लक्षण

इस विकार से पीड़ित 65% से ज़्यादा लोगों को आखिरकार पार्किंसंस हो ही जाता है." उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने से इसके प्रबंधन (इलाज) में मदद मिल सकती है. उन्होंने आगे कहा, "कुछ ऐसे लक्षण जो मोटर (शारीरिक हलचल) से जुड़े नहीं होते, जैसे कब्ज़, थकान, पेट भरा-भरा लगना, और चलने या बोलने के तरीके में हल्का-फुल्का बदलाव. अगर ये सभी लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो इन्हें भी बीमारी के शुरुआती लक्षणों से जुड़ा हुआ पाया गया है." लखनऊ के अपोलोमेडिक्स अस्पताल में न्यूरोलॉजी के निदेशक, डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा "सपनों को सचमुच करने की स्थिति एक ऐसा सामान्य संकेत या लक्षण है जो बीमारी की पहली पहचान होने और उसके गंभीर लक्षण, जैसे कंपकंपी, मांसपेशियों में अकड़न, धीमी गति और संतुलन बिगड़ने की समस्या शुरू होने के बीच दिखाई देता है. ये गंभीर लक्षण समय के साथ और भी बदतर होते जाते हैं."

पार्किंसंस रोग से बचने का क्या तरीका है

उन्होंने आगे बताया कि मरीज अक्सर कंधे या जोड़ों में दर्द की शिकायत करते हैं और गठिया का इलाज करवाने लगते हैं. उन्होंने कहा, "इस बात की पूरी संभावना है कि यह दर्द पार्किंसंस से जुड़ी अकड़न के कारण हो रहा हो." लखनऊ के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में न्यूरोलॉजी के वरिष्ठ निदेशक, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि पार्किंसंस रोग से बचने का कोई भी पक्का तरीका मौजूद नहीं है.

हालांकि, एक संतुलित जीवनशैली अपनाना, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना, और साबुत अनाज, फल व सब्ज़ियों से भरपूर आहार लेना इस बीमारी से बचने में मददगार साबित हो सकता है.उन्होंने आगे कहा कि कीटनाशकों और भारी धातुओं जैसे जहरीले पदार्थों के संपर्क में कम से कम आना, साथ ही तनाव को नियंत्रित रखना और नियमित रूप से अपनी सेहत की जांच करवाना भी इस बीमारी के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है.

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इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में अकड़न, कंपकंपी और शरीर का संतुलन बिगड़ना भी शामिल हैं.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative