असली खूबसूरती केवल चेहरे या बाहरी रूप से नहीं, बल्कि अंदर की सेहत से आती है. अगर आपका शरीर बीमारियों से दूर है और आप नियमित रूप से योगासन और संतुलित आहार लेते हैं, तो उसकी चमक आपके चेहरे पर दिखाई देती है. मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा बताता है कि शारीरिक समस्या का समाधान योगासन के पास होता है। ऐसा ही एक आसन है, जिसका नाम सर्वांगासन है. इसे 'मदर ऑफ ऑल आसन' भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को एक साथ लाभ पहुंचाता है.

इस आसन के फायदे

यह आसन शरीर के सर्वांग (सभी अंगों) के लिए लाभकारी है, जिससे इसे 'सर्वांगासन' नाम मिला. इसके नियमित अभ्यास से हार्मोनल संतुलन, पाचन सुधार और तनाव कम होता है. इस आसन का अभ्यास सुबह खाली पेट या शाम को करें.

सर्वांगासन करने की विधि काफी सरल है. इसको करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. फिर धीरे-धीरे पैरों को ऊपर की ओर उठाएं और कमर को हाथों के सहारे सपोर्ट दें. पूरा शरीर सीधा खड़ा हो जाए, ठोड़ी छाती से सटी रहे. इस स्थिति में शरीर का पूरा वजन कंधों, बाहों और गर्दन पर पड़ता है, जिसके नियमित अभ्यास से इन हिस्सों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.

यह रक्त संचार को बढ़ाता है

आयुष मंत्रालय ने इसके महत्व पर प्रकाश डाला है. यह थायराइड और पैराथायरायड ग्रंथियों को सक्रिय कर चयापचय में सुधार लाता है. यह रक्त संचार को बढ़ावा देने, पाचन, रीढ़ को लचीलापन लाने और एकाग्रता को बेहतर बनाने में काम करता है. साथ ही यह तनाव-चिंता कम करने में भी सहायक है.

महिलाओं के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है. पीरियड्स में अनियमितता की स्थिति में यह आसन इम्यूनिटी बढ़ाता है, त्वचा चमकदार बनाता है और तनाव-डिप्रेशन से मुक्ति दिलाता है. यही नहीं, इसके नियमित अभ्यास से हृदय स्वास्थ्य भी बेहतर होता है.

इसके नियमित अभ्यास से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं, लेकिन गंभीर बीमारी या फिर सर्जरी वाले मरीज को इससे परहेज करना चाहिए या फिर किसी योग विशेषज्ञ की सलाह से कार्य करना चाहिए.

Input IANS

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असली खूबसूरती केवल चेहरे या बाहरी रूप से नहीं, बल्कि अंदर की सेहत से आती है.
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