नई दिल्ली: आयुर्वेद में सदियों से जड़ी-बूटियों और भस्म का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। इसमें शंख भस्म एक प्रमुख और प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जानी जाती है, जिसे अक्सर चमत्कारी भस्म भी कहा जाता है। शंख भस्म का उपयोग न केवल पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है, बल्कि यह हड्डियों, जोड़ों और त्वचा से संबंधित कई स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में भी मदद करता है।

शंख भस्म मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट से बनता है। आयुर्वेद में इसे शुद्ध खनिज के रूप में वर्णित किया गया है। यह पेट में अम्लता, एसिड रिफ्लक्स, जलन और दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है। पाचन अग्नि कमजोर होने पर इसका सेवन पेट की क्षमता को सुधारता है और भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद करता है। इसके नियमित उपयोग से पेट दर्द, गैस, अपच और उल्टी जैसी परेशानियों में सुधार देखा गया है।

शंख भस्म हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में भी सहायक है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की कमजोरी से जुड़ी समस्याओं को रोकने में मदद करता है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर शंख भस्म का सेवन उपयोगी साबित होता है। इसके अलावा, यह वात और कफ दोषों को संतुलित करने का काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार इन दोषों के असंतुलन से कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिनमें पेट और त्वचा संबंधी परेशानियां भी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, शंख भस्म का उपयोग चेहरे के मुहांसों, दाग-धब्बों और त्वचा की अन्य समस्याओं के उपचार में भी किया जा सकता है। इसे लेपन के रूप में या आहार में मिलाकर सेवन किया जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार इसका सेवन हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को इसका उपयोग करने से पहले चिकित्सक की राय अवश्य लेनी चाहिए।

इस प्रकार शंख भस्म केवल पेट या पाचन की समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों के स्वास्थ्य को संतुलित करने, हड्डियों और जोड़ों को मजबूत करने, त्वचा की समस्याओं को कम करने और शरीर के दोषों को संतुलित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद में इसका स्थान सदियों से महत्वपूर्ण रहा है और आधुनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण में भी इसे सुरक्षित और प्रभावशाली माना जाता है। (With inputs from IANS)

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शंख भस्म हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने वाला प्राकृतिक कैल्शियम स्रोत है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.