स्क्वैट्स : कम समय में पाएं ज्यादा लाभ, घुटनों और हिप्स के लिए बेस्ट

स्क्वैट्स एक ऐसा व्यायाम है, जिसे कोई भी आसानी से घर पर कर सकता है और इसके फायदे कमाल के हैं. यह व्यायाम केवल फिटनेस के लिए ही नहीं, बल्कि जोड़ की सेहत और लचीलापन बढ़ाने के लिए भी बहुत जरूरी है. अगर आप अपने घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो रोजाना कुछ मिनट स्क्वैट्स करने से बहुत फर्क पड़ सकता है. जब हम स्क्वैट्स करते हैं, तो हमारी जांघों की मांसपेशियां, कूल्हे और घुटने सक्रिय हो जाते हैं.
स्क्वैट्स करने का तरीका भी बहुत आसान है
इससे इन हिस्सों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और जोड़ मजबूत बनते हैं। साथ ही, यह आपके शरीर की स्थिरता और संतुलन को भी बढ़ाता है। इससे रोजमर्रा के काम, जैसे कि चलना, सीढ़ियां चढ़ना या बैठना और उठना, आसान हो जाते हैं. स्क्वैट्स करने का तरीका भी बहुत आसान है. सीधे खड़े हो जाएं, पैरों को कंधे की चौड़ाई जितना फैलाएं और धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए नीचे बैठें जैसे आप कुर्सी पर बैठ रहे हों. कुछ सेकेंड्स होल्ड करें.
इस वजह से वजन कंट्रोल में भी मदद मिलती है
फिर धीरे-धीरे वापस ऊपर उठें. इसे 10-15 बार करें और धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाते जाएं। अगर आप रोजाना 5-10 मिनट इसे करें, तो कुछ ही हफ्तों में फर्क महसूस होगा. स्क्वैट्स के फायदे सिर्फ घुटनों और कूल्हों तक ही सीमित नहीं हैं. यह आपकी जांघों की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है, पेट और कमर को टोन करता है और कैलोरी बर्न करने में मदद करता है. इस वजह से वजन कंट्रोल में भी मदद मिलती है. स्क्वैट्स करने से आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है, जिससे रोजमर्रा के काम करते समय चोट लगने का खतरा कम होता है.
रोजाना थोड़ी सी मेहनत से स्क्वैट्स को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है. इसे टीवी देखते हुए, सुबह उठते ही या योगा के बाद किया जा सकता है. यह व्यायाम किसी भी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है और इसे घर पर बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है. लेकिन ध्यान रहे, अगर आपको आर्थराइटिस जैसी समस्या है या घुटनों में तेज दर्द है, तो स्क्वैट्स करते समय सावधानी बरतें और पहले डॉक्टर से सलाह लें. दर्द या चोट होने पर इसे तुरंत बंद कर दें. इसके अलावा, हमेशा सही मुद्रा में व्यायाम करें. गलत तरीके से करने पर घुटनों पर दबाव पड़ सकता है और चोट लग सकती है.
input iANS


