नई दिल्ली: गर्मी और लू से बचाव के लिए तैराकी और जल व्यायाम सबसे प्रभावी और सुखद उपाय माने जाते हैं। यह न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है, खासकर बुजुर्गों और क्रोनिक रोगों से प्रभावित लोगों के लिए।

गर्मियों में तैराकी न सिर्फ शरीर को ठंडा रखती है, बल्कि पूरे साल फिट रहने का बेहतरीन तरीका भी है। चाहे आप युवा हों या बुजुर्ग, स्वस्थ हों या कोई पुरानी बीमारी हो, तैराकी लगभग सभी के लिए फायदेमंद है।

तैराकी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पानी का उत्प्लावन बल शरीर का वजन कम कर देता है। इससे जोड़ों पर दबाव नहीं पड़ता और दर्द या चोट का खतरा काफी कम हो जाता है। जो लोग गठिया, घुटनों के दर्द या हड्डियों की कमजोरी से परेशान रहते हैं, उनके लिए तैराकी बहुत सुरक्षित और प्रभावी व्यायाम है। यह एरोबिक व्यायाम के साथ-साथ मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाला प्रशिक्षण भी देता है।

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, तैराकी हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, रक्त संचार सुधारती है और अधिकतम ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता बढ़ाती है। यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों वाले लोगों के लिए भी बहुत उपयोगी है। नियमित तैराकी से मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति, संतुलन और लचीलापन बढ़ता है। गर्मियों में तैराकी का एक और बड़ा लाभ यह है कि यह शरीर का तापमान नियंत्रित रखती है और डिहाइड्रेशन से बचाती है।

साथ ही, पानी में व्यायाम करने से मनोवैज्ञानिक लाभ भी मिलते हैं। इससे तनाव, चिंता और अवसाद कम होता है, मूड अच्छा रहता है और नींद की गुणवत्ता बढ़ती है। तैरीका के दौरान एंडोर्फिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे अच्छे हार्मोन रिलीज होते हैं, जो खुशी और सुकून का एहसास कराते हैं। कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया कि पानी के आस-पास रहने से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) कम होता है और ऑक्सीटोसिन बढ़ता है, जिससे व्यक्ति ज्यादा खुश और स्वस्थ महसूस करता है।

अकेलापन और सामाजिक अलगाव आजकल बुजुर्गों में आम समस्या है। ग्रुप एक्टिविटी से यह समस्या कम होती है और मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नदियों, झीलों या स्विमिंग पूल जैसे “ब्लू स्पेस” में समय बिताने से शारीरिक गतिविधि बढ़ती है, तनाव घटता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है। (With inputs from IANS)

IANSSwimmingwater exercisesheatwave

Topic:

तैराकी सभी उम्र के लिए स्वास्थ्यवर्धक है।
Khushi Chittoria
Khushi Chittoria

Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.