नई दिल्ली: आमतौर पर सुबह की शुरुआत ताजगी के साथ होती है, क्योंकि रात के समय शरीर खुद को ठीक करता है। लेकिन अगर सुबह उठते ही मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस हो, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

कभी-कभी यह स्वाद अंदरूनी बुखार का संकेत होता है, लेकिन यदि यह समस्या रोज़ बनी रहे, तो यह पेट से जुड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह की अधिकांश समस्याओं का सीधा संबंध पेट से होता है। जब पाचन तंत्र सही रहता है, तो मुंह से जुड़ी परेशानियां अपने आप कम हो जाती हैं।

आधुनिक चिकित्सा में मुंह के खट्टे या कड़वे स्वाद को पेट में बढ़े अम्ल यानी एसिड रिफ्लक्स से जोड़ा जाता है। वहीं आयुर्वेद इसे पित्त दोष की समस्या मानता है। आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में पित्त बढ़ता है, तो अम्ल की मात्रा भी बढ़ जाती है, जिससे न सिर्फ पाचन संबंधी रोग होते हैं, बल्कि हड्डियों और जोड़ों में कमजोरी भी आ सकती है।

इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे देर रात भोजन करना, शराब और तंबाकू का सेवन, लिवर का सही ढंग से काम न करना, पाचन अग्नि का कमजोर होना और पेट में एसिड का बढ़ जाना। गलत खान-पान और लंबे समय तक भूखे रहना भी एसिड बढ़ने की बड़ी वजह है।

आयुर्वेद में इस परेशानी के प्रभावी उपाय बताए गए हैं। पेट से जुड़ी बीमारियों से राहत पाने के लिए त्रिफला चूर्ण को बेहद लाभकारी माना गया है। रात में गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लेने से सुबह पेट साफ रहता है और पित्त शांत होता है। इसके साथ ही रात के खाने के समय में बदलाव करने से भी पेट के अम्ल को कम किया जा सकता है।

देर रात खाने से बचें और सूर्यास्त के आसपास भोजन कर लें। खाने के तुरंत बाद लेटने की बजाय कुछ देर टहलें और सोते समय बाईं करवट लें। वैज्ञानिकों के अनुसार, बाईं करवट सोने से पेट का एसिड भोजन नली में ऊपर नहीं चढ़ता और हृदय तक रक्त प्रवाह भी बेहतर रहता है।

तांबे के बर्तन में रखा पानी भी पेट के अम्ल को शांत करने में मदद करता है। इसकी ठंडी तासीर पेट के एसिड को कम करती है। रात में तांबे के बर्तन में पानी भरकर रखें और सुबह उसका सेवन करें, इससे शरीर डिटॉक्स भी होता है।

इसके अलावा, सौंफ और मिश्री का पानी या भोजन के बाद उनका सेवन पाचन को बेहतर बनाता है और मुंह की दुर्गंध से राहत दिलाता है। साथ ही अत्यधिक तनाव और चिंता से बचना भी जरूरी है, क्योंकि तनाव की स्थिति में पेट में एसिड का उत्पादन सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है। (With inputs from IANS)

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सुबह उठते ही मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद होना पेट की गड़बड़ी, एसिडिटी या पाचन समस्या का संकेत हो सकता है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.