ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के सबसे प्रभावी तरीके

ह्यूमन पैपिलोमावायरस (Human Papillomavirus), जिसे संक्षेप में HPV कहा जाता है, दुनिया भर में सबसे आम यौन संचारित संक्रमणों (STIs) में से एक है. यह वायरस इतना सामान्य है कि अधिकांश यौन सक्रिय व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी इसके संपर्क में जरूर आते हैं. हालांकि कई बार यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर बीमारियों और कैंसर का कारण बन सकता है.
HPV कैसे फैलता है? (मुख्य कारण)
HPV मुख्य रूप से त्वचा से त्वचा के संपर्क (Skin-to-Skin contact) के माध्यम से फैलता है। इसका सबसे आम जरिया यौन संपर्क है. यह वायरस शरीर के अंगों की श्लेष्मा झिल्ली (Mucous membranes) या त्वचा की छोटी खरोंच के जरिए प्रवेश करता है.कई बार व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि वह संक्रमित है, क्योंकि इसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते.
HPV के लक्षण और प्रकार
HPV के 200 से अधिक प्रकार (Variants) होते हैं, जिन्हें मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है.लो-रिस्क (Low-risk) HPV-ये आमतौर पर कैंसर का कारण नहीं बनते, लेकिन इनसे शरीर के अंगों या गले में मस्से (Warts) हो सकते हैं.हाई-रिस्क (High-risk) HPV-ये सबसे खतरनाक होते हैं। टाइप 16 और 18 जैसे वेरिएंट कोशिकाओं में बदलाव लाते हैं, जो लंबे समय में कैंसर का रूप ले सकते हैं.
HPV और कैंसर का संबंध
HPV केवल एक साधारण संक्रमण नहीं है। यदि यह शरीर में लंबे समय तक बना रहे, तो यह कई तरह के कैंसर का कारण बन सकता है.सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)-महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लगभग 95% मामलों के लिए HPV जिम्मेदार है. यह गुदा (Anal), गले (Oropharyngeal), और जननांगों के कैंसर का कारण भी बन सकता है.
बचाव के उपाय: क्या है समाधान?
अच्छी खबर यह है कि HPV से होने वाले कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है. इसके लिए दो मुख्य तरीके अपनाए जाते हैं: यह सबसे प्रभावी तरीका है. भारत सरकार अब 14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चला रही है. यह वैक्सीन संक्रमण होने से पहले (कम उम्र में) सबसे अच्छी सुरक्षा प्रदान करती है.30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए ताकि कैंसर होने से पहले ही कोशिकाओं में हो रहे बदलावों को पकड़ा जा सके. कंडोम का उपयोग संक्रमण के जोखिम को कम कर सकता है, हालांकि यह पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता क्योंकि वायरस कंडोम से न ढकी हुई त्वचा से भी फैल सकता है.


