बाल क्यों झड़ते हैं? जानें हेयर फॉल के 15 चौंकाने वाले कारण और उनसे बचने के आसान उपाय

बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे केवल शैम्पू या तेल ही नहीं, बल्कि आपकी जीवनशैली और छिपी हुई बीमारियां भी हो सकती हैं? आइए जानते हैं बालों के झड़ने के प्रमुख कारण.कुछ दवाएं जैसे ब्लड थिनर, विटामिन-A वाली मुहांसों की दवा, स्टेरॉयड, और गठिया, डिप्रेशन या हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं. इसके अलावा कई कारण हो सकते हैं.
हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था और मेनोपॉज
गर्भावस्था के दौरान बाल घने लगते हैं, लेकिन डिलीवरी के 3 से 6 महीने बाद हार्मोन बदलने से बाल तेजी से गिरते हैं. इसी तरह, मेनोपॉज और बर्थ कंट्रोल पिल्स (शुरू करने या छोड़ने पर) भी हेयर फॉल ट्रिगर कर सकते हैं.
पोषक तत्वों की कमी: आयरन, प्रोटीन और जिंक
आयरन की कमी से एनीमिया होता है, जिसके लक्षणों में बालों का झड़ना, कमजोरी और पीले नाखून शामिल हैं. शरीर में प्रोटीन कम होने पर विकास रुक जाता है और 2-3 महीने बाद बाल झड़ने लगते हैं. अंडे, मछली और दालें इसका समाधान हैं. बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद जिंक की कमी से अक्सर बाल गिरते हैं.
मानसिक स्वास्थ्य और तनाव
अधिक तनाव या चिंता शरीर के इम्यून सिस्टम को बालों के रोम (Follicles) पर हमला करने के लिए उकसा सकती है. इसके अलावा, ट्राइकोटिलोमेनिया (Trichotillomania) जैसी अमानसिक स्थिति में व्यक्ति खुद अपने बाल खींचने लगता है.
गलत हेयर स्टाइलिंग और हीटिंग
गीले बालों में कंघी करना, तौलिए से रगड़ना, या बहुत टाइट चोटियां (Braids) बनाने से बाल टूटते हैं. हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लिंग आयरन का रोज इस्तेमाल बालों को सुखाकर कमजोर कर देता है। ब्लीच और हेयर डाई भी उतने ही हानिकारक हैं.
बीमारियां और धूम्रपान
पीसीओएस (PCOS), थायराइड, स्कैल्प इंफेक्शन और ऑटोइम्यून बीमारियां बालों के झड़ने के 30 से अधिक कारणों में शामिल हैं. साथ ही, धूम्रपान से निकलने वाले टॉक्सिन्स भी हेयर फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचाते हैं.
ईटिंग डिसऑर्डर
एनोरेक्सिया और बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर में शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता, जिससे बाल अपनी चमक खो देते हैं और झड़ने लगते हैं.


