बिना दवा, बिना गोली, 60 साल के बुजुर्ग ने अनुशासन और जीवनशैली बदलकर जीती डायबिटीज से जंग

60 साल की उम्र, दशकों तक डेस्क पर बैठकर काम और खाली पेट (Fasting) शुगर लेवल 168—राजीव मेहता के लिए 'टाइप 2 डायबिटीज' एक कड़वी सच्चाई बन चुकी थी. कई शहरी सेवानिवृत्त लोगों की तरह, उनकी दिनचर्या चाय, बिस्कुट, भारी भोजन और देर रात तक जागने के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिसमें व्यायाम का नामोनिशान नहीं था. उन्हें सबसे बड़ा डर इंसुलिन लेने का था। लेकिन मात्र तीन महीनों में, राजीव ने बिना किसी दवा के अपनी सेहत को पूरी तरह बदल दिया. दिल्ली के डॉ. श्रद्धेय कटियार के मार्गदर्शन में राजीव ने जीवनशैली में बदलाव का एक स्ट्रक्चर्ड प्लान अपनाया.
खान-पान का नया नियम (Food Reset)
राजीव के सुधार की शुरुआत रसोई से हुई. डॉ. कटियार ने उन्हें बिना दवा के शुगर मैनेज करने का एक आसान प्लान दिया. चीनी और पराठों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई. भोजन में सब्जियों, प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का संतुलन बनाया गया. रात का खाना 7:30 बजे से पहले और रात भर में 12 घंटे का उपवास (Fasting) अनिवार्य किया गया.महज दो हफ्तों में खाने के बाद शुगर का अचानक बढ़ना (Spikes) काफी कम हो गया.
शारीरिक सक्रियता: चलने की शक्ति
व्यायाम को राजीव ने अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया. उन्होंने मांसपेशियों को बनाए रखने पर जोर दिया, जो 60 की उम्र में ग्लूकोज कंट्रोल के लिए बहुत जरूरी है. हर दिन 45 मिनट की ब्रिस्क वॉक (तेज चलना). सप्ताह में दो बार हल्का स्ट्रेंथ ट्रेनिंग. भोजन के बाद छोटी सैर.
नींद और तनाव प्रबंधन
देर रात तक टीवी देखने की आदत को खत्म कर राजीव ने रात 10:30 बजे सोने का नियम बनाया. शाम को स्क्रीन से दूरी और सुबह की धूप ने उनके कोर्टिसोल (Cortisol) स्तर को स्थिर किया, जिससे सुबह की शुगर रिपोर्ट में काफी सुधार आया.
ग्लूकोमीटर से स्वयं की निगरानी
राजीव ने नियमित रूप से अपनी शुगर की जांच की.इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि कौन सा भोजन उनके शुगर लेवल को बढ़ाता है और कौन सा सुरक्षित है. यह डेटा किसी भी लेक्चर से ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.
महीने बाद के शानदार परिणाम
- HbA1c लेवल-8.1 से घटकर 6.2 पर आ गया.
- वजन-7 किलो कम हुआ और कमर का घेरा 4 इंच घट गया.
- एनर्जी-उनकी ऊर्जा का स्तर 40 की उम्र के व्यक्ति से भी बेहतर हो गया.
- दवा-इस पूरी प्रक्रिया में एक भी गोली का इस्तेमाल नहीं किया गया.
डॉक्टर की सलाह
डॉ. कटियार के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज अक्सर दवा से ज्यादा अनुशासन की समस्या है. अगर मरीज प्रेरित है और सही समय पर वजन, व्यायाम और नींद पर ध्यान देता है, तो इसके परिणाम चमत्कारिक हो सकते हैं.


