अधिकतर महिलाओं के लिए हार्ट की बीमारी (Heart Disease) कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, बल्कि यह सालों तक धीरे-धीरे पनपने वाला एक 'साइलेंट किलर' है. जागरूकता की कमी और लक्षणों को नजरअंदाज करने की आदत के कारण अक्सर महिलाएं तब डॉक्टर के पास पहुंचती हैं, जब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है. महिलाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण हार्ट की बीमारी है. डॉ. संजय भोजराज के अनुसार, "दिल की बीमारी में मौत का नंबर वन कारण इसलिए नहीं है कि यह अचानक होता है, बल्कि इसलिए है क्योंकि यह सालों से शरीर के अंदर बन रहा होता है." महिलाओं के लक्षणों को अक्सर सामान्य थकान या तनाव समझकर खारिज कर दिया जाता है, जिससे सही समय पर बीमारी की पहचान नहीं हो पाती.

इन 'साइलेंट' संकेतों को न करें नजरअंदाज

डॉ. भोजराज बताते हैं कि हार्ट अटैक से पहले शरीर सालों तक कुछ ऐसे संकेत देता है, जिन्हें हम अक्सर सामान्य समझकर छोड़ देते हैं. बिना किसी भारी काम के भी हमेशा थका हुआ महसूस करना. भावनात्मक तनाव शरीर में सूजन (Inflammation) और हार्ट संबंधी जोखिम को बढ़ाता है. खराब स्लीप पैटर्न सीधे तौर पर मेटाबॉलिक स्ट्रेस पैदा करता है. अचानक वजन का बढ़ना या घटना हृदय पर दबाव डालता है.

मेनोपॉज (Menopause) और दिल की बीमारी का गहरा रिश्ता है

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (Oestrogen) हार्मोन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. यह धमनियों को लचीला रखता है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है. मेनोपॉज के बाद जब एस्ट्रोजन का स्तर गिरता है, तो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ने लगते हैं.हार्मोनल बदलाव के कारण रक्त वाहिकाओं में कड़ापन (Vascular Stiffness) आ जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा अचानक बढ़ जाता है.

महिलाओं के लिए परिणाम क्यों हैं अधिक गंभीर?

आंकड़े बताते हैं कि हार्ट अटैक के एक साल के भीतर महिलाओं की मृत्यु की संभावना पुरुषों की तुलना में अधिक होती है. इसके पीछे मुख्य कारण हैं. लक्षणों को 'मानसिक तनाव' समझकर सही समय पर मेडिकल जांच न करवाना. महिलाओं में बीमारी की पहचान देरी से होने के कारण उपचार शुरू करने में काफी वक्त लग जाता है. सालों से जमा हुआ मेटाबॉलिक और इमोशनल स्ट्रेस रिकवरी की प्रक्रिया को बहुत कठिन बना देता है.

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Women’s Heart Health: महिलाओं के लिए 'साइलेंट किलर' है हृदय रोग सामने आ रहा है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative