अंडे खाने को लेकर फैल रही अफवाहों पर भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने साफ़ शब्दों में स्थिति स्पष्ट कर दी है।


FSSAI ने कहा है कि देश में उपलब्ध अंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं और अंडे खाने से कैंसर होने का दावा भ्रामक, वैज्ञानिक आधारहीन और जनता को डराने वाला है।

20 दिसंबर 2025 को जारी आधिकारिक बयान में FSSAI ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अप्रमाणित स्रोतों पर भरोसा न करें और केवल वैज्ञानिक शोध व सरकारी सलाह को ही सही मानें। नियामक ने दोहराया कि अंडा एक पौष्टिक, सुरक्षित और संतुलित आहार का अहम हिस्सा है।

अंडे को लेकर विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि अंडे खाने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इन दावों में न तो किसी वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला था और न ही किसी मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्था का समर्थन।

FSSAI ने साफ किया कि ऐसी बातें अधूरी जानकारी या गलत व्याख्या पर आधारित हैं और इनका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की अफवाहें लोगों में बेवजह डर और भ्रम पैदा करती हैं।

विज्ञान अंडों के बारे में क्या कहता है?

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अंडा सबसे पोषक खाद्य पदार्थों में से एक है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, जरूरी अमीनो एसिड, विटामिन A, D, E, B12 और सेलेनियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं।

अंडे में मौजूद कोलीन (Choline) दिमाग, लिवर और मेटाबॉलिज़्म के लिए बेहद जरूरी होता है। कई बड़े वैज्ञानिक अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि सामान्य मात्रा में अंडे खाने से न तो कैंसर का खतरा बढ़ता है और न ही गंभीर बीमारियों का।

गलत जानकारी क्यों है खतरनाक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब सुरक्षित और सस्ते पोषक आहार को लेकर डर फैलता है, तो इसका सीधा असर पोषण स्तर पर पड़ता है। भारत जैसे देश में, जहां बड़ी आबादी अंडे को प्रोटीन का सुलभ स्रोत मानती है, ऐसी अफवाहें नुकसानदेह हो सकती हैं।

खासतौर पर बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुज़ुर्ग अंडों से जरूरी पोषण पाते हैं।

FSSAI की आम लोगों को सलाह

FSSAI ने उपभोक्ताओं से कहा है कि:

* सोशल मीडिया की अपुष्ट स्वास्थ्य सलाहों से बचें

* केवल सरकारी या वैज्ञानिक स्रोतों पर भरोसा करें

* अंडों को संतुलित आहार के हिस्से के रूप में खाएं

* अंडों को सही तरीके से रखें और अच्छी तरह पकाकर सेवन करें

नियामक ने यह भी बताया कि भारत में अंडों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर नियमित निगरानी रखी जाती है।

अंडे से कैंसर होने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। FSSAI का स्पष्ट संदेश है कि अंडे सुरक्षित, पौष्टिक और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.