विश्व कैंसर दिवस स्पेशल, इम्यूनोथेरेपी से AI तक, कैंसर उपचार के 7 आधुनिक 'गेम-चेंजर'

विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के अवसर पर, चिकित्सा विज्ञान में हुई कुछ ऐसी क्रांतिकारी खोजों और उपचार के बारे में जानना करना जरूरी है, जो 2026 तक कैंसर से लड़ने के तरीके को पूरी तरह बदल रही हैं. यहां कैंसर उपचार के क्षेत्र में हुई 7 सबसे बड़ी सफलताओं (Breakthroughs) का विवरण दिया गया है.
इम्यूनोथेरेपी 2.0 (CAR-T और CAR-NK सेल थेरेपी)
इम्यूनोथेरेपी में अब अगली पीढ़ी की तकनीक का उपयोग हो रहा है. CAR-T सेल थेरेपी में रोगी की अपनी प्रतिरक्षा कोशिकाओं (T-cells) को लैब में कैंसर से लड़ने के लिए 'रीप्रोग्राम' किया जाता है.
नया क्या है?
अब CAR-NK (Natural Killer) सेल थेरेपी पर काम चल रहा है, जो 'ऑफ-द-शेल्फ' उपलब्ध हो सकती है, यानी इसे हर मरीज के लिए अलग से बनाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे इलाज सस्ता और सुलभ होगा.
लिक्विड बायोप्सी (Liquid Biopsy)
पारंपरिक बायोप्सी में ऊतकों (Tissues) का नमूना लेना दर्दनाक हो सकता है. लिक्विड बायोप्सी एक साधारण ब्लड टेस्ट है जो रक्त में मौजूद कैंसर के DNA (ctDNA) के अंशों की पहचान करता है. यह कैंसर के लक्षणों के उभरने से बहुत पहले ही उसकी पहचान कर सकता है और यह भी बता सकता है कि इलाज असर कर रहा है या नहीं.
एआई (AI) द्वारा शुरुआती पहचान और डायग्नोसिस
एआई (AI) अब रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट से भी अधिक सटीकता के साथ ट्यूमर का पता लगा रही है.एआई एल्गोरिदम हजारों इमेज को स्कैन कर उन सूक्ष्म बदलावों को पकड़ लेते हैं जो इंसानी आंखों से ओझल हो सकते हैं. इससे ब्रेस्ट और फेफड़ों के कैंसर की पहचान पहले चरण में ही संभव हो पा रही है.
पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन (mRNA तकनीक)
कोविड-19 टीकों में इस्तेमाल हुई mRNA तकनीक अब कैंसर के इलाज में इस्तेमाल हो रही है. ये वैक्सीन कैंसर को होने से नहीं रोकतीं, बल्कि ट्यूमर होने के बाद उसे नष्ट करने के लिए शरीर को प्रशिक्षित करती हैं.मेलानोमा और अग्नाशय (Pancreatic) कैंसर के लिए इन टीकों के क्लीनिकल ट्रायल में बहुत उत्साहजनक परिणाम देखे गए हैं.
प्रिसिजन मेडिसिन (Targeted Therapy)
अब 'एक ही दवा सबके लिए' (One size fits all) वाला दौर खत्म हो रहा है। प्रिसिजन मेडिसिन के तहत मरीज के ट्यूमर की आनुवंशिक प्रोफाइलिंग की जाती है.इससे डॉक्टर ऐसी दवा चुनते हैं जो केवल कैंसर कोशिकाओं के विशिष्ट म्यूटेशन पर हमला करती है, जिससे स्वस्थ कोशिकाओं को कम नुकसान पहुंचता है और साइड इफेक्ट्स कम होते हैं.
'रिवर्ट' (REVERT) तकनीक
हाल ही में वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो कैंसर कोशिकाओं को फिर से सामान्य कोशिकाओं में बदलने की क्षमता रखती है. दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों ने कोलन कैंसर की कोशिकाओं को फिर से प्रोग्राम कर उन्हें स्वस्थ कोशिकाओं जैसा बनाने में सफलता हासिल की है. यह 'कैंसर को खत्म करने' के बजाय उसे 'ठीक करने' की दिशा में बड़ा कदम है.
कीमोथेरेपी-फ्री इलाज (Chemo-free Future)
वैज्ञानिक ऐसी विधियों पर काम कर रहे हैं जहां जहरीली कीमोथेरेपी की जरूरत न पड़े. चुंबकीय हाइपरथर्मिया (Magnetic Hyperthermia) जैसी विधियों में नैनोकणों का उपयोग कर ट्यूमर को गर्म करके नष्ट किया जाता है. साथ ही, ADCs (Antibody-Drug Conjugates) जैसी दवाएं सीधे ट्यूमर तक जहर पहुंचाती हैं, जिससे पूरा शरीर कीमो के प्रभाव से बच जाता है.


