ADHD और शारीरिक स्वास्थ्य का गहरा संबंध, बचपन की ये स्थिति बढ़ती उम्र तक बढ़ा सकती है गंभीर बीमारियों का खतरा

एक नए शोध के अनुसार, बचपन में ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) के लक्षण दिखने वाले बच्चों में वयस्क होने पर गंभीर शारीरिक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. 'द जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन' (JAMA) नेटवर्क ओपन में प्रकाशित यह अध्ययन बताता है कि 10 साल की उम्र में ADHD के लक्षण वाले लोगों में 46 साल की उम्र तक दो या दो से अधिक शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे माइग्रेन, पीठ की समस्या, कैंसर या मधुमेह) की संभावना 14 प्रतिशत अधिक पाई गई।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) और यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के शोधकर्ताओं ने 1970 में पैदा हुए लगभग 10,930 लोगों के डेटा का 46 वर्षों तक विश्लेषण किया. इस अध्ययन के परिणाम चौंकाने वाले हैं. इस स्टडी में पाया गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर इसका प्रभाव अधिक पड़ता है. ADHD के लक्षणों और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी अक्षमता (disability) के बीच महिलाओं में गहरा संबंध देखा गया.
बीमारियों का बढ़ा हुआ प्रतिशत
रिसर्च के अनुसार, जिन बच्चों में ADHD के लक्षण गंभीर थे, उनमें 46 साल की उम्र तक मल्टीमोर्बिडिटी (एक साथ कई बीमारियों का होना) की संभावना 42.1 प्रतिशत थी, जबकि सामान्य बच्चों में यह संभावना 37.5 प्रतिशत पाई गई.
क्यों खराब होता है स्वास्थ्य?
सीनियर लेखक प्रोफेसर जोशुआ स्टॉट के अनुसार, खराब स्वास्थ्य के परिणामों के पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं. ADHD से पीड़ित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की अधिक संभावना होती है. इनमें उच्च बीएमआई (BMI) और धूम्रपान की दर अधिक देखी गई है. ADHD के कारण व्यक्ति अपनी भावनाओं और इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाता, जिससे वह अस्वास्थ्यकर आदतों (जैसे जंक फूड या नशा) की ओर जल्दी आकर्षित होता है. ऐसे लोग अक्सर सामाजिक बहिष्कार और तनावपूर्ण जीवन स्थितियों का सामना करते हैं, और उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिलने में भी कठिनाई होती है.
जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) पर असर
इसी शोध समूह ने जनवरी 2025 में एक अन्य अध्ययन प्रकाशित किया था, जिसमें पाया गया कि ADHD से निदान वयस्क लोगों की जीवन प्रत्याशा (उम्र) सामान्य आबादी की तुलना में कम हो सकती है.


