भारत में कैंसर का बढ़ता खतरा, पुरुषों और महिलाओं में होने वाले 5 कॉमन कैंसर और उनके मुख्य कारण

भारत में कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और GLOBOCAN 2022-2025 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. शोध बताते हैं कि 2025 तक भारत में कैंसर के मामलों में 12.8% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है.
पुरुषों में ये 5 कैंसर सबसे ज्यादा देखे गए हैं ( Cancers in Males)
- मुंह का कैंसर (Oral Cancer)-भारत में पुरुषों में यह सबसे आम है, गुटखा, खैनी और सुपारी इसका मुख्य कारण हैं.
- फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)-धूम्रपान और बढ़ता वायु प्रदूषण इसके प्रमुख कारण हैं. यह अक्सर देर से डायग्नोज़ होता है.
- गले का कैंसर (Pharynx/Tongue)-तंबाकू और शराब का संयुक्त सेवन गले और जीभ के कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है.
- पेट का कैंसर (Stomach Cancer)-मसालेदार भोजन, संक्रमण (H. pylori) और खराब जीवनशैली इसके कारक हैं.
- प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer)-बढ़ती उम्र के साथ यह बुजुर्ग पुरुषों में अधिक देखा जा रहा है.
महिलाओं में कैंसर (Cancers in Females most common)
- महिलाओं में कैंसर के मामले पुरुषों की तुलना में थोड़े अधिक पाए जाते हैं, लेकिन समय पर पहचान से रिकवरी की दर बेहतर है.
- स्तन कैंसर (Breast Cancer)-यह भारतीय महिलाओं में नंबर 1 पर है। शहरी क्षेत्रों में हर 22 में से 1 महिला को इसका खतरा है.
- गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (Cervical Cancer)-यह HPV वायरस के कारण होता है। ग्रामीण इलाकों में यह अब भी बहुत आम है.
- अंडाशय का कैंसर (Ovarian Cancer)-इसके लक्षण (जैसे पेट फूलना) अस्पष्ट होते हैं, इसलिए अक्सर इसका पता देरी से चलता है.
- गर्भाशय का कैंसर (Uterine Cancer)-मोटापा और हार्मोनल असंतुलन इसके मुख्य कारण माने जाते हैं.
- मुंह/फेफड़ों का कैंसर-महिलाओं में भी मुंह और फेफड़ों के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जिसका कारण पैसिव स्मोकिंग और प्रदूषण है.
ICMR रिपोर्ट 2024-25- रिसर्च के अनुसार, उत्तर-पूर्वी भारत (Northeast India) में कैंसर की दर सबसे अधिक है, जिसका बड़ा कारण वहां की विशिष्ट खान-पान की आदतें और तंबाकू का सेवन है. महिलाओं में कैंसर जल्दी डायग्नोज़ (Early Detection) होता है, इसलिए उनकी मृत्यु दर पुरुषों (55%) के मुकाबले कम (45%) है. भारत में कुल कैंसर के मामलों में से लगभग 27% मामले सीधे तौर पर तंबाकू से जुड़े हुए हैं.
बचाव के उपाय
30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित मैमोग्राफी और पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए. पुरुषों को मुंह में किसी भी सफेद या लाल धब्बे को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.


