तमिलनाडु में चिकुनगुनिया का बढ़ा खतरा, सरकार ने जारी किया 'स्टेटवाइड अलर्ट', जानें लक्षण और बचाव के तरीके

तमिलनाडु के कई हिस्सों में चिकुनगुनिया (Chikungunya) के बढ़ते मामलों को देखते हुए जनस्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय (DPH) ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है. चेन्नई, विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जैसे जिलों में बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने निगरानी और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं.तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन और शहरी निकायों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मौसम मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल है, इसलिए अगले कुछ हफ्ते बेहद जरूरी हैं.
इन जिलों में बढ़ रहा है संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार, मुख्य रूप से चेन्नई, विल्लुपुरम, तेनकासी, थेनी, कुड्डालोर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और अरियालुर जिलों में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
चिकुनगुनिया के मुख्य लक्षण
- तेज बुखार
- जोड़ों में गंभीर दर्द (जो हफ्तों तक रह सकता है)
- मांसपेशियों में दर्द
- अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना
सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदम
IgM ELISA टेस्ट-बुखार वाले क्षेत्रों से पर्याप्त ब्लड सैंपल लेकर लैब में पुष्टि करना अनिवार्य है. सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को चिकुनगुनिया के मामलों की रिपोर्ट तुरंत देनी होगी ताकि संक्रमण की कड़ी को समय रहते तोड़ा जा सके. अस्पतालों में विशेष डेंगू और चिकुनगुनिया वार्डों को मच्छर मुक्त रखने और मरीजों के लिए मच्छरदानी (Mosquito Nets) सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है.
मच्छर नियंत्रण अभियान (Vector Control)
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य निरीक्षकों को पानी जमा होने वाले स्थानों (Source Reduction) को खत्म करने का काम सौंपा गया है. इसके तहत साप्ताहिक सफाई अभियान, फॉगिंग (Fogging) और लार्वा को नष्ट करने वाली दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है.
जनता के लिए जरूरी सलाह
स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी जमा करने वाले बर्तनों को हर हफ्ते रगड़कर साफ करें. सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें. पूरी बाजू के कपड़े पहनें. अपने आसपास कचरा जमा न होने दें.


