नई दिल्ली: होली के उत्सव से पहले, दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और मिलावट को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर, खोया, दाल और अन्य कई उत्पादों के कुल 66 नमूने जब्त किए। इनमें से 54 निगरानी नमूने और 12 कानूनी नमूने शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि नमूनों का चयन विभिन्न श्रेणियों के खाद्य पदार्थों से किया गया, जिसमें तैयार खाद्य पदार्थ, नमक, मसाले, सूप, सॉस, सलाद, प्रोटीन उत्पाद, अनाज और उनके उत्पाद, वसा और तेल उत्पाद, डेयरी उत्पाद और उनके समकक्ष शामिल हैं।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इस अभियान का विवरण साझा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य व्यवस्थित खाद्य नमूनाकरण और मिलावट की रोकथाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है और इसमें किसी प्रकार की सहनशीलता नहीं है। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि निरीक्षण केवल बाजारों तक सीमित न रहे, बल्कि densely populated residential क्षेत्रों और स्थानीय स्तर पर उत्पादन हो रहे खोया-पनीर इकाइयों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।

विशेष रूप से दालों और अनाज उत्पादों की बढ़ती खपत को ध्यान में रखते हुए इन पर विशेष ध्यान दिया गया। दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए प्रमुख खोया और पनीर मंडियों में निरीक्षण दल तैनात किए गए। नमूनों की जाँच के दौरान जहां भी मानकों का उल्लंघन पाया गया, वहाँ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण दल नियमित रूप से बाजार, उत्पादन इकाई और सीमा प्रवेश बिंदुओं पर सक्रिय रहें। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता तक केवल सुरक्षित, गुणवत्ता युक्त और स्वच्छ भोजन ही पहुंचे। इस अभियान से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार खाद्य सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और त्योहारों के समय नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। (With inputs from IANS)

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दिल्ली सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को अपनी शीर्ष प्राथमिकता मानती है।
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