नई दिल्ली: दिल्ली ने ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के खिलाफ अपनी लड़ाई को और अधिक सशक्त बना लिया है। राजधानी स्थित इंटरमीडिएट रेफरेंस लेबोरेटरी (आईआरएल) सेंटर को भारत सरकार के सेंट्रल ट्यूबरकुलोसिस डिवीजन (सीटीडी) से पहली बार प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह सर्टिफिकेशन बेडाक्विलाइन और प्रेटोमेनिड दवाओं के लिए एडवांस्ड ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (डीएसटी) की अनुमति देता है, जो ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी के इलाज में अहम भूमिका निभाती हैं।

इस उपलब्धि से दिल्ली में मल्टीड्रग-रेजिस्टेंट (एमडीआर-टीबी) और एक्सटेंसिवली ड्रग-रेजिस्टेंट (एक्सडीआर-टीबी) मरीजों की जांच और उपचार प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक प्रभावी हो जाएगी। अब तक ऐसे मामलों में सैंपल राज्य से बाहर भेजने पड़ते थे, जिससे इलाज में देरी होती थी। दिल्ली में ही एडवांस्ड टेस्टिंग उपलब्ध होने से मरीजों को जल्द रिपोर्ट मिलेगी और समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा।

आईआरएल सेंटर को देश की सबसे अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में गिना जाता है। यहां बीएसएल-3 लैब, एमजीआईटी 960, लाइन प्रोब एसे, होल जीनोम सीक्वेंसिंग, ट्रूनेट, पैथोडिटेक्ट और रियल-टाइम पीसीआर जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सटीक टीबी जांच सुनिश्चित करती हैं।

साल 2025 में ही इस लैब में 30,000 से अधिक सैंपल प्रोसेस किए जा चुके हैं। नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम (एनटीईपी) के तहत दिल्ली लगातार मजबूत नेतृत्व का प्रदर्शन कर रही है। दिसंबर 2024 से अब तक डब्ल्यूएचओ द्वारा सुझाए गए बीपीएएलएम रेजिमेन के अंतर्गत 1,065 ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी मरीजों को इलाज में शामिल किया गया है, जो अधिक प्रभावी और कम मृत्यु दर वाला उपचार माना जाता है।

इसके साथ ही, दिल्ली सरकार हाई-रिस्क और घनी आबादी वाले इलाकों में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को तेज कर रही है। रैपिड मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स की मदद से टीबी और ड्रग रेजिस्टेंस की जल्दी पहचान हो रही है, जिससे समय पर इलाज और निरंतर देखभाल संभव हो पा रही है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सीटीडी से मिला यह सर्टिफिकेशन ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी मरीजों के लिए तेज और सटीक जांच के साथ समय पर उपचार सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निदान व उपचार सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रही है।

नई डीएसटी क्षमता, उन्नत बीपीएएलएम उपचार और मजबूत एसीएफ अभियानों के माध्यम से दिल्ली ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है। इससे न केवल मरीजों के स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में भारत के टीबी समाप्ति लक्ष्य की दिशा में भी ठोस प्रगति सुनिश्चित होगी। (With inputs from IANS)

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Topic:

दिल्ली ने टीबी के खिलाफ अभियान को और तेज किया।
Khushi Chittoria
Khushi Chittoria

Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.