आज के समय में हर दस में से एक वयस्क डायबिटीज (सुगर) के साथ जी रहा है. यह केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुकी है. एक हालिया वैश्विक अध्ययन के अनुसार, डायबिटीज के कारण होने वाला आर्थिक नुकसान उम्मीद से कहीं ज्यादा है.

आर्थिक प्रभाव: खरबों डॉलर का नुकसान

2020 से 2050 के बीच 204 देशों पर किए गए शोध से पता चला है कि अगर डायबिटीज पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो इसके वैश्विक परिणाम विनाशकारी होंगे. बिना 'अनपेड केयरगिविंग' (बिना वेतन के की जाने वाली देखभाल) के, वैश्विक नुकसान लगभग 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है. जब परिवार के सदस्यों द्वारा की जाने वाली देखभाल के समय और श्रम को जोड़ा जाता है, तो यह नुकसान बढ़कर 152 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है.आयरलैंड और अमेरिका जैसे देशों में प्रति व्यक्ति आर्थिक बोझ सबसे अधिक पाया गया है.

डायबिटीज राष्ट्रीय विकास के 'श्रम' (Labor) को प्रभावित करती है

कम उम्र में मृत्यु के कारण वर्कफोर्स घट जाता है. लंबी बीमारी के कारण कर्मचारी अक्सर काम से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे कंपनियों और देशों का उत्पादन कम हो जाता है. घर के किसी सदस्य को डायबिटीज होने पर अक्सर स्वस्थ व्यक्ति को भी अपनी नौकरी छोड़नी पड़ती है या काम के घंटे कम करने पड़ते हैं. अध्ययन के अनुसार, कुल आर्थिक नुकसान का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी 'अनपेड केयर' के कारण होता है.

आय के स्तर पर असमानता

उच्च आय वाले देश में नुकसान का 40 प्रतिशत हिस्सा इलाज और चिकित्सा खर्चों से जुड़ा है.यहां इलाज पर खर्च केवल 14 प्रतिशत है, लेकिन उचित उपचार न मिलने के कारण मृत्यु दर और विकलांगता बहुत अधिक है. यह इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक उपचार अब भी केवल अमीर देशों की पहुंच में है.

बचाव ही एकमात्र समाधान

कैंसर या डिमेंशिया की तुलना में डायबिटीज लंबे समय तक अर्थव्यवस्था को धीमी गति से नुकसान पहुंचाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, इससे बचने के उपाय सरल और प्रभावी हैं. नियमित व्यायाम और संतुलित आहार जोखिम को काफी कम कर सकते हैं. बीमारी का शुरुआती स्तर पर पता चलने से जटिलताओं और चिकित्सा खर्चों से बचा जा सकता है.विशेष रूप से निम्न आय वाले देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों को स्थिर करने के लिए स्क्रीनिंग और जागरूकता पर निवेश करना जरूरी है.

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डायबिटीज केवल शरीर को नहीं, ग्लोबली अर्थव्यवस्था को पहुंचा रहा नुकसान.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative