ग्रेटर नोएडा: जीवनशैली संबंधी गुर्दा रोगों में बढ़ोतरी के मद्देनज़र, डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है कि बॉडीबिल्डिंग के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट का अत्यधिक सेवन करने, नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच न करवाने, आनुवांशिक कारणों, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, और मोटापे की वजह से तेजी से किडनी (गुर्दों) को नुकसान पहुंचता है।

इसे ध्यान में रखते हुए, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने नैक्स्ट-जेन हेमोडायफिल्ट्रेशन (एचडीएफ) मशीन का शुभारंभ किया है। इस नैक्स्ट-जेनरेशन डायलिसिस टेक्नोलॉजी में डिफ्यूज़न और हाइ-वॉल्यूम कन्वेक्शन का मेल समाया है जो पारंपरिक हेमोडायलिसिस की तुलना में, छोटे से मंझोले आकार के टॉक्सिन्स को काफी कुशल तरीके से रक्तप्रवाह में से हटाने में सक्षम है।

इस अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित करते हुए, हॉस्पीटल के डॉक्टरों ने हाल में, एचडीएफ मशीन की मदद से 32-वर्षीय महिला मरीज का सफल उपचार किया। डॉ रविंदर सिंह भदोरिया, एडिशनल डायरेक्टर – नेफ्रोलॉजी और डॉ प्रशांत कुमार, कंसल्टेंट - यूरोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने अत्यधिक गंभीर रूप से बीमार इस मरीज का इलाज किया।

इस मामले में, मरीज का प्रत्यारोपित गुर्दा बेकार हो चुका था और वह डायलिसिस पर निर्भर थीं। मरीज को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उन्हें सांस लेने में काफी कठिनाई हो रही थी और उनका ब्लड प्रेशर भी गिर चुका था तथा तेज बुखार भी था। उनके बचने की संभावना मात्र 10% थी और प्रत्योरोपण के बाद दवाओं के सेवन की वजह से उनकी प्रतिरक्षा तंत्र भी काफी कमजोर पड़ गया था।

मरीज की इस हालत को देखते हुए उनका पारंपरिक तरीके से हेमोडायलिसिस करना काफी मुश्किल काम था, और इसे देखते हुए डॉ रविंदर सिंह भदोरिया, एडिशनल डायरेक्टर – नेफ्रोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने उनके मामले में एडवांस हेमोडायफिल्ट्रेशन का विकल्प चुना।

इस एडवांस डायलिसिस तकनीक में रक्त से छोटे और मंझोले आकार के यूरेमिक टॉक्सिन्स को कारगर तरीके से निकालने के लिए दो प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है – डिफ्यूज़न और कन्वेक्शन, और साथ ही मरीज के हार्ट तथा ब्लड प्रेशर लेवल्स को भी स्थिर रखा जाता है। यह प्रक्रिया करीब चार घंटे चली और अब मरीज की हालत स्थिर है।

डॉ रविंदर सिंह भदोरिया, एडिशनल डायरेक्टर – नेफ्रोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने कहा, “हम गुर्दों के रोगों में बढ़ोतरी देख रहे हैं, इनमें से अधिकांश कारण लाइफस्टाइल से जुड़े हैं, जैसे कि अनियंत्रित मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, प्रोटीन सप्लीमेंट्स का अत्यधिक सेवन तथा स्वास्थ्य जांच न करवाना या उसमें देरी करना।

शीघ्र निदान और समय पर रोगों का इलाज शुरू करना काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यदि किडनी को काफी नुकसान होता है, तो मरीज को आजीवन डायलिसिस या ट्रांसप्लांट सपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है।”

डॉ प्रशांत कुमार, कंसल्टेंट, यूरोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने कहा, “नेक्स्ट-जेनरेशन हेमोडायफिल्ट्रेशन तकनीक पारंपरिक डायलसिस की तुलना में काफी एडवांस होती है। सामान्य रूप से उपलब्ध हेमोडायलिसिस के मुकाबले, जो कि डिफ्यूज़न के माध्यम से छोटे आकार के टॉक्सिन्स हटाता है, ऑनलाइन एचडीएफ में डिफ्यूज़न और कन्वेक्शन दोनों का मेल कराया गया है ताकि बड़े आकार के टॉक्सिन्स भी रक्त में से हटाए जा सकें, और यह इंफ्लेमेशन में कमी लाने तथा लंबे समय तक डायलिसिस करवाने की वजह से पैदा होने वाली जटिलताओं से भी बचाव करता है।

एचडीएफ तकनीक का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को डायलिसिस के दौरान बेहतर ब्लड प्रेशर महसूस होता है, डायलसिस संबंधी लक्षण भी कमोबेश कम दिखायी देते हैं, टॉक्सिन क्लीयरेंस में सुधार होता है और कुल-मिलाकर, जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनती है। यह टेक्नोलॉजी खासतौर से उन लोागें के लिए फायदेमंद होती है जो लंबे समय तक डायलिसिस पर निर्भर हैं, या जिन्हें कार्डियोवास्क्युलकर जोखिम है अथवा जिन्हें पारंपरिक डायलिसिस थेरेपी से जुड़ी जटिलताओं का रिस्क है।”

सिद्धार्थ निगम, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल ग्रेटर नोएडा ने कहा, “नैक्स्ट जेनरेशन एचडीएफ टेक्नोलॉजी उपलब्ध करवाने के साथ ही, फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने अपनी एडवांस डायलिसिस और नेफ्रोलॉजी सेवाओं को मजबूत बनाया है, तथा मरीजों के जीवन और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने के लक्ष्य के साथ अत्याधुनिक उपचार विकल्पों को पेश किया है।”

Kidney DiseaseLifestyle-Related Kidney DisordersDialysis Treatment

Topic:

किडनी रोगों के बेहतर इलाज के लिए फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने अत्याधुनिक हेमोडायलिसिस तकनीक शुरू की।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.