भारत में एक 58 वर्षीय व्यक्ति, जो दशकों से टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) की दवाओं पर निर्भर था, उसने एक अनोखे डाइट प्लान के जरिए अपनी बीमारियों को पूरी तरह 'रेमिशन' (Remission) यानी नियंत्रण में लाने में सफलता पाई है. क्लिनिकल न्यूट्रिशन रिसर्च (CNR) में प्रकाशित यह केस रिपोर्ट भारत में अपनी तरह का पहला मामला है, जहां 'कार्निवोर डाइट' (सिर्फ मांस और अंडे) के जरिए इतने पुराने मधुमेह को मात दी गई है.

क्या है 'कार्निवोर डाइट'?

इमरजेंसी फिजिशियन डॉ. अंकुर वर्मा के मार्गदर्शन में मरीज ने एक अपरंपरागत रास्ता चुना. उन्होंने अनाज, फल और सब्जियों को पूरी तरह छोड़कर केवल अंडे, मांस और सीफूड का सेवन किया.

  • क्या खाया:-चिकन (त्वचा के साथ), भैंस का मांस, मटन, मछली और झींगे.
  • क्या नहीं खाया-कोई अनाज (दाल, रोटी, चावल), चीनी, फल या सब्जियां नहीं.
  • पकाने का माध्यम-केवल घी, मक्खन या वर्जिन नारियल तेल.

मात्र 4 महीनों में चमत्कारी बदलाव

जनवरी से अप्रैल 2024 के बीच मरीज के स्वास्थ्य में ये बड़े सुधार देखे गए. 1HbA1c में गिरावट- उनका औसत शुगर लेवल (HbA1c) 6.9% से घटकर 5.4 प्रतिशत (सामान्य स्तर) पर आ गया. ब्लड शुगर-फास्टिंग ब्लड शुगर 96–100 mg/dL के आसपास स्थिर हो गया. दवाओं से मुक्ति-मई 2024 तक उनकी डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की सभी दवाएं बंद कर दी गईं. किडनी में सुधार-हाय प्रोटीन आहार के बावजूद उनकी किडनी की कार्यक्षमता (eGFR) में सुधार देखा गया.

यह डाइट कैसे काम करती है?

डॉ. अंकुर वर्मा के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट के कारण होने वाली बीमारी है. कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह हटाने से शरीर में 'ग्लाइसेमिक लोड' और 'इंसुलिन' की मांग कम हो जाती है. पोषक तत्वों की प्रचुरता-पशु आधारित भोजन में विटामिन B12, D3, K2, ओमेगा-3 और आवश्यक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ठीक (Healing) करने में मदद करते हैं. एंटीन्यूट्रिएंट्स से बचाव-दालों और पालक जैसी सब्जियों में ऑक्सालेट्स और फाइटेट्स होते हैं जो पाचन बिगाड़ सकते हैं, जबकि मांस पूरी तरह 'बायोअवेलेबल' (आसानी से पचने वाला) होता है.

विशेषज्ञों की सावधानी और सलाह

मेटाबॉलिक हेल्थ इंडिया के संस्थापक शशिकांत अयंगर का कहना है कि यह केस रिपोर्ट उत्साहजनक है, लेकिन इसे फाइनल प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए. डॉक्टरी निगरानी अनिवार्य-कार्बोहाइड्रेट कम करने से शुगर लेवल तेजी से गिर सकता है (Hypoglycaemia), इसलिए दवाओं का समायोजन डॉक्टर की देखरेख में ही होना चाहिए. इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और लिपिड प्रोफाइल में बदलाव जैसे जोखिम हो सकते हैं.

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भारत में एक 58 वर्षीय व्यक्ति,ने टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) से मुक्ति पा ली, जानिए कैसे?
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative