दवाएं बीमारियों को ठीक करने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन कभी-कभी उनके अनचाहे साइड इफेक्ट्स (Side effects) हमारे बालों पर भारी पड़ सकते हैं. कुछ दवाएं बालों के झड़ने, उनके रंग या बनावट में बदलाव का कारण बन सकती हैं. अच्छी खबर यह है कि दवाओं के कारण होने वाला हेयर लॉस आमतौर पर प्रतिवर्ती (Reversible) होता है, यानी दवा बंद करने के बाद बाल वापस आ जाते हैं.

दवाएं बालों के झड़ने का कारण कैसे बनती हैं?

दवाएं बालों के बढ़ने के प्राकृतिक चक्र (Hair Growth Cycle) में बाधा डालती हैं। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है.

1.टेलोजन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium)- यह सबसे सामान्य प्रकार है. इसमें दवा शुरू करने के 2 से 4 महीने बाद बाल झड़ने लगते हैं. यह बालों के रोम (Follicles) को समय से पहले 'रेस्टिंग फेज' में भेज देता है, जिससे सामान्य से 30% से 70% अधिक बाल झड़ने लगते हैं.

2.एनाजन एफ्लुवियम (Anagen Effluvium)-यह सक्रिय रूप से बढ़ने वाले बालों (Anagen phase) को प्रभावित करता है. यह अक्सर कीमोथेरेपी दवाओं के कारण होता है. इसमें कुछ ही हफ्तों में सिर के साथ-साथ भौहें और पलकों के बाल भी गिर सकते हैं.

किन दवाओं से झड़ सकते हैं बाल?

  • विटामिन A युक्त मुंहासे की दवाएं (Retinoids)
  • एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल दवाएं
  • गर्भनिरोधक गोलियां और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
  • हाय बीपी (High BP) की दवाएं,जैसे बीटा-ब्लॉकर्स और ACE इनहिबिटर्स

एंटी-डिप्रेशन और मूड स्टेबलाइजर्स

कीमोथेरेपी दवाएं-एड्रियामाइसिन, मेथोट्रेक्सेट और पैक्लिटैक्सेल जैसी दवाएं.

उपचार और बचाव के तरीके

  • अगर आपको लगता है कि किसी दवा की वजह से आपके बाल झड़ रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें. खुद से दवा बंद न करें.
  • मिनोक्सिडिल (Rogaine) या फिनास्टेराइड- अगर दवा छोड़ने के बाद भी बाल नहीं उगते, तो डॉक्टर ये दवाएं लिख सकते हैं.
  • स्कैल्प हाइपोथर्मिया (Scalp Hypothermia)-कीमोथेरेपी के दौरान बर्फ की टोपी (Ice packs) का उपयोग करने से बालों के रोम तक दवा का प्रभाव कम पहुंचता है, जिससे हेयर लॉस कम होता है.
  • लेजर थेरेपी-लो-लेवल लेजर डिवाइस (टोपी या कंघी) स्कैल्प में रक्त संचार बढ़ाकर बालों को फिर से उगाने में मदद कर सकते हैं.
  • सप्लीमेंट्स-'न्यूट्रैफोल' जैसे प्राकृतिक सप्लीमेंट्स, जिनमें पेप्टाइड्स और विटामिन होते हैं, बालों के पोषण के लिए उपयोगी माने जाते हैं.
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दवाएं बीमारियों को ठीक करने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन कभी-कभी उनके साइड इफेक्ट्स हमारे बालों पर भारी पड़ सकते हैं.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative