भारत सरकार ने देश में महिलाओं के बीच होने वाले दूसरे सबसे आम कैंसर, सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने देशभर की 14 साल की लड़कियों के लिए एक विशेष ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन अभियान शुरू करने की घोषणा की है. इस कार्यक्रम के तहत हर साल लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को कवर किया जाएगा। यह टीकाकरण पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध होगा.

भारत में सर्वाइकल कैंसर का बोझ बहुत अधिक है

  • हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं.
  • सालाना 42,000 से अधिक महिलाओं की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है.
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में हर 8 मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर के कारण अपनी जान गंवाती है.
  • दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर के कुल मामलों में से पांचवां हिस्सा भारत का है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यदि समय पर टीकाकरण और स्क्रीनिंग उपलब्ध हो, तो सर्वाइकल कैंसर सबसे आसानी से रोके जाने वाले कैंसरों में से एक है.

क्या है HPV और यह कैंसर कैसे बनता है?

ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) एक सामान्य यौन संचारित संक्रमण है. अधिकांश मामलों में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली एक या दो साल के भीतर वायरस को प्राकृतिक रूप से खत्म कर देती है. समस्या तब आती है जब संक्रमण लंबे समय तक बना रहता है. 95% सर्वाइकल कैंसर के मामलों के लिए 'हाई-रिस्क' वाले HPV वेरिएंट (विशेषकर टाइप 16 और 18) जिम्मेदार होते हैं। यह वायरस कोशिकाओं में बदलाव लाता है, जो 10 से 15 वर्षों में कैंसर का रूप ले सकते हैं.

14 साल की उम्र ही क्यों?

AIIMS नई दिल्ली की डॉ. सीमा सिंघल के अनुसार, यह वैक्सीन कैंसर के जोखिम को 90 से 95 प्रतिशत तक कम कर सकती है. सरकार ने 14 साल की उम्र को तीन मुख्य कारणों से चुना है.

अधिक प्रभावशीलता-वायरस के संपर्क में आने से पहले वैक्सीन सबसे अच्छा काम करती है.

सुरक्षा चक्र- यौन सक्रिय होने से पहले टीकाकरण करना एक सुरक्षित 'प्रिवेंटिव विंडो' प्रदान करता है.

मजबूत इम्युनिटी- कम उम्र के बच्चों में वैक्सीन के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune Response) अधिक शक्तिशाली होती है.

वैक्सीन की विशेषताएं और सरकारी रणनीति

सरकार 'गार्डासिल-4' (Gardasil-4) का उपयोग करेगी, जो टाइप 16, 18 (कैंसर कारक) और टाइप 6, 11 (मस्से कारक) से बचाती है. सरकार ने सिंगल-डोज शेड्यूल अपनाया है. WHO के 2022 के निष्कर्षों के अनुसार, 9 से 20 वर्ष की आयु वालों के लिए एक खुराक भी उतनी ही प्रभावी है जितनी कि दो या तीन खुराक. यह एक 'रिकॉम्बिनेंट वैक्सीन' है। इसमें कोई जीवित वायरस नहीं होता, इसलिए इससे संक्रमण होने का कोई खतरा नहीं है.

प्राइवेट मार्केट में विकल्प और कीमत

  • Gardasil 9-लगभग 10,850 रुपये प्रति डोज (9 प्रकार के वायरस से सुरक्षा).
  • Gardasil 4-3,000 से 4,000 रुपये प्रति डोज.
  • Cervavac-सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित, यह सबसे सस्ती है (लगभग 1,800 रुपये)
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केंद्र सरकार ने देशभर की 14 साल की लड़कियों के लिए एक विशेष ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन अभियान शुरू करने की घोषणा की है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative