भारत का महा-अभियान: 14 साल की लड़कियों को मुफ्त मिलेगी कैंसर से बचाने वाली HPV वैक्सीन, जानें कैसे काम करती है यह ढाल

भारत सरकार ने कैंसर के खिलाफ जंग में एक बड़ा कदम उठाते हुए 90 दिनों के विशेष स्वास्थ्य अभियान को हरी झंडी दे दी है. मार्च 2026 से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत देशभर की 14 साल की लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) की वैक्सीन मुफ्त दी जाएगी. भारत में हर साल सर्वाइकल कैंसर लगभग 80,000 महिलाओं की जान ले लेता है। इस खतरे को देखते हुए सरकारी केंद्रों पर अमेरिकी कंपनी मर्क (Merck) की 'गार्डासिल 4' (Gardasil 4) वैक्सीन लगाई जाएगी.
HPV क्या है और यह कैंसर कैसे फैलाता है?
HPV एक छोटा DNA वायरस है जो त्वचा और श्लेष्मा झिल्ली (Mucous Membranes) की कोशिकाओं को प्रभावित करता है. इसके 200 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें से टाइप 16 और 18 सबसे खतरनाक हैं. भारत में 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामलों के लिए यही दो टाइप जिम्मेदार हैं.
संक्रमण की प्रक्रिया
जब यह वायरस किसी छोटी खरोंच के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, तो यह त्वचा की सबसे गहरी परत (Basal Cells) तक पहुंच जाता है. यहां यह कोशिका के 'मशीनरी' पर कब्जा कर लेता है. हाई-रिस्क वाले HPV टाइप E6 और E7 नामक प्रोटीन बनाते हैं, जो शरीर के कैंसर रोकने वाले सुरक्षा तंत्र को बंद कर देते हैं. इससे कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, जो कैंसर का रूप ले लेती हैं.
वैक्सीन कैसे काम करती है? (VLP टेक्नोलॉजी)
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस वैक्सीन में कोई जीवित वायरस नहीं होता, इसलिए इससे संक्रमण होने का कोई खतरा नहीं है. वैक्सीन में वायरस-लाइक पार्टिकल्स (VLPs) का उपयोग किया जाता है. ये बाहर से बिल्कुल असली वायरस की तरह दिखते हैं लेकिन अंदर से खोखले होते हैं. जब यह टीका लगाया जाता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम इन 'बहुरूपियों' को दुश्मन समझकर उनके खिलाफ एंटीबॉडी (सुरक्षा गार्ड) तैयार कर लेता है.
अगर भविष्य में असली HPV वायरस शरीर पर हमला करता है, तो हमारे पास पहले से ही उससे लड़ने का 'ब्लूप्रिंट' तैयार होता है. एंटीबॉडीज वायरस को कोशिकाओं को संक्रमित करने से पहले ही खत्म कर देती हैं. मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' के अनुसार, कम उम्र में टीकाकरण करने से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है.


