कसौली: स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में, हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान में देश में स्वदेशी रूप से निर्मित टिटनेस और वयस्क डिप्थीरिया (टी.डी.) वैक्सीन का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहे और उन्होंने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। यह टीका पहली बार स्वदेशी रूप में विकसित किया गया है, जिससे भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ाया है।

शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय अनुसंधान संस्थान की पूरी टीम की सराहना की और कहा कि स्वदेशी टी.डी. वैक्सीन न केवल देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दर्शाती है, बल्कि यह भारत को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में लाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वैक्सीन के शुभारंभ के साथ ही भारत ने लगभग 99 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल कर लिया है, जिसे विश्व स्वास्थ्य समुदाय में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

केंद्रीय अनुसंधान संस्थान ने बताया कि अप्रैल 2026 तक सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए लगभग 55 लाख खुराकें उपलब्ध कराई जाएंगी और भविष्य में टीके के उत्पादन को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य और औषधि क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि की सराहना की और कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने भारत की दवा और टीका उत्पादन क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत पहले ही ‘विश्व की औषधालय’ के रूप में जाना जाता है और उभरते टीका निर्माताओं में यह देश अग्रणी बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नियामक ढांचे में भारत ने नंबर-3 का दर्जा हासिल किया है, जो देश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने टीकों और दवाओं के विकास में समय की भूमिका का भी उल्लेख किया। विश्व स्तर पर टिटनेस टीके के विकास में दशकों का समय लगा, जबकि तपेदिक की दवाओं को विकसित करने में लगभग 30 वर्ष और जापानी एन्सेफलाइटिस टीके के लिए लगभग एक सदी वैज्ञानिक प्रयास किए गए। इसके विपरीत, कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने नौ महीनों के भीतर दो स्वदेशी टीके विकसित किए और 220 करोड़ से अधिक खुराकें, जिसमें बूस्टर खुराक भी शामिल थी, वितरित की। कोविड टीकाकरण प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में प्रदान किए गए, जो देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य में डिजिटल परिवर्तन को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि स्वदेशी टी.डी. वैक्सीन का शुभारंभ केवल स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में भारत के योगदान का प्रतीक है। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस दिशा में सहयोग और टीकाकरण कार्यक्रमों को और अधिक सुदृढ़ करने का आग्रह किया।

यह उपलब्धि न केवल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भारतीय दवा और टीका उत्पादन की क्षमता को भी उजागर करती है, जिससे देश के नागरिकों को विश्वसनीय और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। (With inputs from IANS)

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कसौली में जेपी नड्डा ने टिटनेस-डिप्थीरिया वैक्सीन का उद्घाटन किया।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.