हाल ही में 'लापता लेडीज' की निर्देशक किरण राव ने सोशल मीडिया पर अपनी बीमारी का दर्द शेयर किया. उन्होंने बताया कि चिकनगुनिया के कारण वे इतनी कमजोर हो गई हैं कि उनके लिए एक किताब पकड़ना भी असंभव हो गया है. यह वायरस न केवल बुखार लाता है, बल्कि शरीर को इस कदर तोड़ देता है कि व्यक्ति झुकने पर मजबूर हो जाता है.

चिकनगुनिया और जोड़ों का स्वास्थ्य: विज्ञान क्या कहता है?

किरण राव द्वारा वर्णित संघर्ष केवल थकान नहीं है, बल्कि यह हमारे मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम (Musculoskeletal System) पर एक सीधा हमला है. जब एडीज मच्छर काटता है, तो वायरस सीधे जोड़ों के 'सिनोवियल फाइब्रोब्लास्ट' (कनेक्टिव टिश्यू) तक पहुंच जाता है. रिसर्च के अनुसार, यह वायरस शरीर में एक तेज इम्यून रिस्पांस पैदा करता है, जिससे जोड़ों की परत में भारी सूजन और जकड़न आ जाती है. यह स्थिति हफ्तों या महीनों तक बनी रह सकती है. कई मामलों में चिकनगुनिया के बाद होने वाला दर्द रुमेटोइड अर्थराइटिस जैसा महसूस होता है. यही कारण है कि संक्रमण के दौरान हल्की चीजें भी भारी वजन जैसी लगती हैं.

चिकनगुनिया से बचाव के 4 जरूरी उपाय

भारत में, विशेषकर महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैंय बचाव के लिए ये तरीके अपनाएं. दरअसल, एडीज मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं. गमलों की ट्रे, पुराने टायर, चिड़ियों के पानी के बर्तन और नालियों को साफ रखें. ये मच्छर अक्सर दिन में काटते हैं. पूरी बाजू के कपड़े पहनें और त्वचा पर मच्छर भगाने वाली क्रीम (Repellent) का उपयोग करें.

खिड़कियों पर जाली लगवाएं और दिन के समय भी मॉस्किटो वेपोराइज़र का इस्तेमाल करें. बुजुर्गों और बच्चों के लिए मच्छरदानी का उपयोग सबसे सुरक्षित है. चिकनगुनिया खांसने से नहीं फैलता, लेकिन यदि घर में कोई बीमार है, तो उन्हें मच्छरदानी में रखें ताकि मच्छर उन्हें काटकर दूसरों तक वायरस न फैला सकें.

रिकवरी और सावधानी

चिकनगुनिया का कोई विशिष्ट टीका या इलाज नहीं है; इसका उपचार केवल लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है. खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं. बुखार के लिए पैरासिटामोल लें, लेकिन एस्पिरिन या NSAIDs से बचें जब तक कि डेंगू की संभावना खत्म न हो जाए. तीव्र चरण बीतने के बाद, जोड़ों को 'फ्रीज' होने से बचाने के लिए हल्की स्ट्रेचिंग जरूरी है.

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चिकनगुनिया वायरस न केवल बुखार लाता है, बल्कि शरीर को इस कदर तोड़ देता है कि व्यक्ति झुकने पर मजबूर हो जाता है.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative