ढाका: बांग्लादेश के चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (सीएमसीएच) में खसरे के लक्षण दिखाने वाले छह नए मरीज भर्ती हुए, जिसके बाद सोमवार को बाल चिकित्सा वार्ड में कुल मरीजों की संख्या 18 पहुंच गई।सीएमसीएच के बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख मुहम्मद मूसा ने बताया कि सभी मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, ढाका और कई अन्य जि‍लों में खसरा फैल रहा है। इस साल संक्रामक बीमारी और इससे जुड़ी जटिलताओं के कारण 38 बच्चों की मौत हो चुकी है।

'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, 32 मौतें तो मार्च महीने में हुई हैं। इनमें से 21 राजधानी के मोहाखाली स्थित संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में दर्ज की गई, जिसमें रविवार को हुई तीन मौतें भी शामिल हैं। देशभर से मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पताल में दबाव बढ़ गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टीकाकरण कवरेज में कमी इस प्रकोप का मुख्य कारण है। कई बच्चे विस्तारित टीकाकरण कार्यक्रम (ईपीआई) से बाहर रह जाते हैं या पूरी खुराक नहीं ले पाते, जिससे वे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बच्चे टीकाकरण के लिए वापस नहीं आते। इसके अलावा, कभी-कभी वैक्सीन की कमी भी स्थिति को और गंभीर बना देती है।

हालांकि कुल मिलाकर टीकाकरण कवरेज उच्च है, फिर भी लगभग दस प्रतिशत बच्चे अब भी बिना टीकाकरण के रह जाते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार समय-समय पर “कैच-अप” अभियान चलाती है, लेकिन 2024 के अंत में प्रस्तावित एक कार्यक्रम प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण लागू नहीं हो सका, जिससे कई बच्चे जोखिम में रह गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति, उच्च जनसंख्या घनत्व और व्यापक कुपोषण के साथ मिलकर, बीमारी के तेजी से फैलने का कारण बनी है।

मोहाखाली स्थित संक्रामक रोग अस्पताल में जूनियर कंसल्टेंट श्रेबाश पॉल ने बताया कि 2026 के पहले तीन महीनों में अस्पताल में 560 खसरा मरीज भर्ती हुए, जबकि 2025 में यह संख्या केवल 69 थी।

रिपोर्ट के अनुसार, मासिक भर्ती संख्या जनवरी में 35 से बढ़कर फरवरी में 88 हुई और मार्च में इसमें तेज उछाल आया। पहले के वर्षों में जहां केवल दस प्रतिशत सैंपल पॉजिटिव आते थे। वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

पॉल ने आगे बताया कि अधिकतर संक्रमित बच्चे नौ महीने से कम उम्र के हैं और अभी तक उनका टीकाकरण नहीं हुआ है।

अस्पतालों पर भारी दबाव के चलते मरीजों का इलाज केबिन के फर्श, गलियारों और यहां तक कि लिफ्ट के सामने भी किया जा रहा है, क्योंकि बेड की कमी है। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने अन्य अस्पतालों को भी खसरा मरीजों को भर्ती करने का निर्देश दिया है, फिर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

विशेषज्ञों ने इस प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण कवरेज बढ़ाने, जन जागरूकता में सुधार करने और कैच-अप अभियानों को जल्द लागू करने की अपील की है। (With inputs from IANS)

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बांग्लादेश में खसरे का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे अब तक 38 बच्चों की मौत हो चुकी है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.