Measles Outbreak: बांग्लादेश में खसरे का कोहराम, 100 से ज्यादा बच्चों की मौत, जानें क्यों खतरनाक है यह बीमारी और क्या हैं लक्षण

पड़ोसी देश बांग्लादेश इस समय खसरे (Measles) और रूबेला के भीषण प्रकोप से जूझ रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से अब तक 7,500 संदिग्ध मामलों में से 900 से अधिक की कंफर्म हो चुकी है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि संक्रमण का शिकार वे बच्चे हो रहे हैं जिनकी उम्र 9 महीने से कम है और जो अभी नियमित टीकाकरण के दायरे में नहीं आए हैं.
आपातकालीन टीकाकरण अभियान की शुरुआत
हालात को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने 18 ज्यादा खतरे वाले जिलों में 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों के लिए इमरजेंसी वैक्सीनेशन शुरू किया है. अगले महीने से इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा. यूनिसेफ की प्रतिनिधि 'राणा फ्लावर्स' के अनुसार, यह पुनरुत्थान उन बच्चों के बीच "इम्युनिटी गैप" को दर्शाता है जिन्हें एक भी टीका नहीं लगा है.
खसरा क्या है और यह कैसे फैलता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायुजनित (Airborne) बीमारी है. तेज बुखार, खांसी, नाक बहना और शरीर पर विशिष्ट लाल चकत्ते (Rash). छोटे बच्चों में यह निमोनिया, मस्तिष्क में सूजन और मृत्यु का कारण बन सकता है. बीमारी को रोकने के लिए कम से कम 95 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण होना अनिवार्य है.
राजनीतिक उथल-पुथल और वैक्सीन की कमी
बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्री ने संसद में स्वीकार किया कि पिछले सालों की राजनीतिक अस्थिरता और खराब मैनेजमेंट के कारण टीकों के स्टॉक में भारी कमी आई. 2024 के जन विद्रोह और उसके बाद बनी अंतरिम सरकार के दौरान टीकाकरण कार्यक्रम बाधित हुआ, जिसका खामियाजा अब मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.
माता-पिता के लिए जरूरी डॉक्टरी सलाह
ढाका के संक्रामक रोग अस्पताल की उप निदेशक 'एफए अस्मा खान' ने अभिभावकों को विशेष चेतावनी दी है. अगर बच्चे को 101°F से 104°F (38.3°C से ऊपर) तेज बुखार है, तो स्थानीय दुकानों से दवा लेकर समय बर्बाद न करें. संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाएं, जहां प्रशिक्षित डॉक्टर सही प्राथमिक उपचार दे सकें. सुनिश्चित करें कि बच्चे के सभी नियमित टीके समय पर लगे हों.


