नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री J. P. Nadda ने गुरुवार को World Health Organization (डब्ल्यूएचओ) मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

अपने संबोधन में नड्डा ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और सम्मान भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारियों से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर विश्वभर में और भारत में भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने रोकथाम, स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान और समय पर उपचार पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति अपनाई है।

भारत की इस रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत जनसंख्या आधारित स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का विस्तार है। यह कार्यक्रम व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा है और इसके अंतर्गत 30 से 65 वर्ष की आयु की महिलाओं के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर एसिटिक एसिड (वीआईए) विधि से सर्वाइकल कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

नड्डा ने बताया कि इस पहल के तहत अब तक 8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लिए स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो शुरुआती पहचान और रोकथाम के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भारत की इस लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण कदम की जानकारी देते हुए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य लगभग 1.2 करोड़ यानी 12 मिलियन 14 वर्षीय लड़कियों को टीका लगाना है।

यह अभियान 90 दिनों तक चलाया जाएगा। इसके तहत Gardasil क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन की एक खुराक दी जाएगी, जो नामित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल किशोरियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नड्डा ने यह भी स्पष्ट किया कि एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसमें माता-पिता की सहमति आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल समुदाय आधारित है और इसमें पारिवारिक निर्णय और सामाजिक मूल्यों का सम्मान किया जाता है।

उन्होंने अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की भी सराहना की, जो लोगों तक पहुंचने, जागरूकता फैलाने और इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

नड्डा ने कहा कि भारत सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने के लिए डब्ल्यूएचओ की वैश्विक रणनीति का समर्थन करता है, जिसमें वर्ष 2030 तक निर्धारित 90-70-90 लक्ष्य शामिल हैं। इन लक्ष्यों के तहत 90 प्रतिशत लड़कियों का एचपीवी टीकाकरण, 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग और 90 प्रतिशत मरीजों को उचित उपचार सुनिश्चित करना शामिल है।

इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने भी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे मोटापा, एचआईवी/एड्स और सर्वाइकल कैंसर पर प्रकाश डाला और इन समस्याओं से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैज्ञानिक नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि एचआईवी/एड्स के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और डब्ल्यूएचओ कई देशों को रोकथाम कार्यक्रमों को लागू करने में सहयोग दे रहा है।

सर्वाइकल कैंसर के संदर्भ में डॉ. टेड्रोस ने हाल ही में मनाए गए अंतरराष्ट्रीय एचपीवी जागरूकता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बीमारी को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने की वैश्विक प्रतिबद्धता की याद दिलाता है।

उन्होंने भारत की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत हर साल लगभग 1.2 करोड़ किशोरियों को टीका लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत में हर साल लगभग 80,000 से अधिक महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है, जबकि करीब 42,000 नए मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण और शुरुआती जांच जैसे निवारक उपाय इस बीमारी के बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि डब्ल्यूएचओ उन देशों का समर्थन जारी रखेगा जो महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने के लिए मजबूत और प्रभावी पहल कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री Aaron Motsoaledi भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए और भारत द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना की। (With inputs from IANS)

IANSCervical cancer screeningJ.P. Nadda statement

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एनपी-एनसीडी के तहत 86 करोड़ से अधिक महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर स्क्रीनिंग हुई: जेपी नड्डा।
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