नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल की नर्सों से मुलाकात की। उन्होंने नर्सों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ बताया और कहा कि उनका समर्पण, निस्वार्थ भाव और सहानुभूति ही कारण है कि परिवार अपने प्रियजनों को उनकी देखभाल में सुरक्षित महसूस करते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, "नर्सें हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव हैं। उनका समर्पण, निस्वार्थ भाव और सहानुभूति ही वह वजह है जिससे परिवार अपने प्रियजनों को उनकी देखभाल में सौंपते हुए सुरक्षित महसूस करते हैं।

केरल की नर्सें पूरी निष्ठा के साथ इस भावना को दर्शाती हैं। हाल ही में, उनमें से कुछ के साथ बातचीत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। हमारे लोगों और हमारे देश के लिए वे जो कुछ भी करती हैं, उसके लिए मैं उनका तहे दिल से आभारी हूं।"

राहुल गांधी की यह टिप्पणी एक वीडियो बातचीत के दौरान सामने आई, जिसमें राहुल गांधी ने नर्सों के एक समूह के साथ बातचीत की और भारत में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों को पेश आने वाली वास्तविकताओं और चुनौतियों पर चर्चा की। इस बातचीत के दौरान, नर्सों ने कई व्यवस्थागत मुद्दों को उजागर किया, जिनमें समय की कमी, कर्मचारियों की कमी और करियर में आगे बढ़ने के सीमित अवसर शामिल थे।

एक नर्स ने बताया कि काम की भारी जिम्मेदारियों की वजह से अक्सर मरीजों के साथ ठीक से बातचीत करने के लिए बहुत कम समय मिल पाता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की मुश्किलों को समझना जरूरी है, लेकिन काम के बोझ की वजह से हमारे पास अक्सर ऐसा करने के लिए काफी समय नहीं होता।"

विदेश में मिलने वाले मौकों से जुड़े एक सवाल के जवाब में कुछ नर्सों ने बताया कि भले ही कई लोग भारत छोड़कर नहीं जाना चाहते, लेकिन यूके जैसे देशों में काम करने के बेहतर हालात और व्यवस्थित सिस्टम पेशेवरों को अपनी ओर खींचते हैं। एक नर्स ने बताया कि यूके में भारत के टुकड़ों में बंटे शेड्यूल के मुकाबले, लंबे लेकिन लगातार शिफ्ट और हर घंटे के हिसाब से मिलने वाली सैलरी का सिस्टम ज्यादा बेहतर आर्थिक और पेशेवर स्थिरता देता है।

एक अन्य नर्स ने भारत में करियर में आगे बढ़ने के सीमित अवसरों की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि विशेषज्ञता हासिल करने के लिए अक्सर उच्च योग्यताओं, जैसे कि मास्टर डिग्री, की आवश्यकता होती है, जिससे करियर में आगे बढ़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

जब भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में मुख्य समस्याओं के बारे में पूछा गया, तो नर्सों ने कर्मचारियों की भारी कमी पर जोर दिया। एक नर्स ने कहा कि अनुपात बहुत ज्यादा है। अक्सर लगभग 20 नर्सों को ही करीब 100 मरीजों को संभालना पड़ता है और संसाधनों पर पड़ रहे दबाव को रेखांकित किया।

कोविड-19 महामारी के दौरान के अपने अनुभव साझा करते हुए नर्सों ने याद किया कि आपात स्थितियों में उन्होंने अपनी सामान्य भूमिकाओं से बढ़कर काम किया। एक नर्स ने कहा कि संकट के कारण कोविड के दौरान हमने सर्जरी भी कीं। हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि स्थिति इतनी गंभीर हो जाएगी।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत में इस पेशे के विकास के लिए नर्सिंग शिक्षा में सुधार बहुत जरूरी है। केरल के नर्सिंग समुदाय की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए, प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिष्ठा के पीछे मुख्य कारकों के रूप में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कड़ी मेहनत और सहानुभूति को श्रेय दिया। (With inputs from IANS)

IANSRahul GandhiKerala nursesdedicationLok Sabha

Topic:

राहुल गांधी ने केरल की नर्सों से मुलाकात कर स्वास्थ्यकर्मियों को आने वाली चुनौतियों पर बातचीत की।
IANS
IANS