मिजोरम में HIV का बढ़ता खतरा, 9 महीनों में 3,300 से अधिक नए मामले, असुरक्षित यौन संबंध मुख्य कारण

मिजोरम स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (MSACS) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में HIV संक्रमण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच मिजोरम में 3,354 नए HIV संक्रमण दर्ज किए गए हैं. इन आंकड़ों ने एक बार फिर राज्य में चल रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद व्यवहारिक जोखिमों (Behavioural Risks) की ओर ध्यान खींचा है.
संक्रमण के मुख्य कारण, असुरक्षित यौन संबंध और ड्रग्स
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि संक्रमण के प्रसार के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं. कुल नए मामलों में से 70.61% (2,239 मामले) असुरक्षित यौन संपर्क के कारण हुए हैं. यह दर्शाता है कि जागरूकता के बावजूद लोग सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर रहे हैं. नशीली दवाओं का इंजेक्शन (IVDU)- लगभग 26.87% (852 मामले) संक्रमित सुई और सीरिंज साझा करने की वजह से हुए हैं, जो मुख्य रूप से नशीली दवाओं का सेवन करने वालों में देखे गए हैं. मां से बच्चे में संक्रमण, 56 मामले (1.77%) ऐसे हैं जहाँ वायरस मां से शिशु में फैला है.
युवा आबादी पर सबसे अधिक असर
MSACS की रिपोर्ट के अनुसार, यह महामारी आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्रिय आबादी को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है. नए संक्रमणों में से लगभग 89 प्रतिशत (2,813 मामले) 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग के हैं. सबसे अधिक प्रभावित 25-34 वर्ष का आयु वर्ग है, जिसमें अकेले 1,193 मामले सामने आए हैं. इसके अलावा, 14 वर्ष से कम उम्र के 59 बच्चों और 50 वर्ष से अधिक उम्र के 299 लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है.
आंकड़ों की एक झलक (अप्रैल - दिसंबर 2025)
कुल नए मामले- 3,354
पुरुष (सामान्य श्रेणी)- 2,191
महिलाएं (सामान्य श्रेणी)- 980
गर्भवती महिलाएं- 183
कुल जांचे गए नमूने- 1,51,221
मिजोरम की वर्तमान स्थिति और सरकारी पहल
राज्य में 1990 में पहला मामला सामने आने के बाद से अब तक कुल 33,878 HIV पॉजिटिव मामलों की पहचान की जा चुकी है. दिसंबर 2025 तक, 18,224 लोग एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (ART) ले रहे हैं. MSACS की प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. जेन आर. राल्ते ने बताया कि पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों को मिलाकर एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में संगीत, प्रदर्शन और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से लोगों तक बचाव का संदेश पहुँचाया जाएगा और HIV से जुड़े सामाजिक कलंक (Stigma) को कम करने का प्रयास किया जाएगा.


