सिद्धारमैया ने स्वास्थ्यकर्मियों से की अपील, जाति और धर्म से ऊपर उठकर मानवता के साथ सेवा करें

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी जाति और धर्म से ऊपर उठकर मानवता के आधार पर सेवा करें।
वे यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित अभय हस्त कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरण के अवसर पर कह रहे थे, जिसमें विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन में विभिन्न पदों पर भर्ती शामिल थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिलने और स्वास्थ्य विभाग में कार्यभार संभालने पर वे संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम केवल पेशा नहीं बल्कि जीवन बचाने और बीमारियों की रोकथाम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सेवा कार्य है।
सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार ने दूसरी बार सत्ता में आने के बाद रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने और भर्ती प्रक्रिया में आए मुद्दों का समाधान करने के प्रयास किए हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिसिंग जैसे जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता बताया। वर्तमान में सरकारी विभागों में 25 लाख से अधिक पद रिक्त हैं, जिन्हें धीरे-धीरे भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाने का उल्लेख किया। इसके तहत लगभग 5,700 डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया। उन्होंने कर्मचारियों को चेताया कि वे किसी भी बिचौलिये के झांसे में न आएं।
सिद्धारमैया ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों का महत्व दोहराया और कहा कि गैर-चिकित्सा कर्मचारी भी स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि मानवता के आधार पर काम करना ही सर्वोपरि है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीमारियों की रोकथाम पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है और सरकार राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। (With inputs from IANS)


