सुरेश कुमार ने गंभीर बीमारी से उबरने के बाद 702 किलोमीटर साइकिल यात्रा पूरी की, पीएम मोदी भी हुए प्रभावित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक साइकिल यात्रा करने वाले 70 वर्षीय विधायक एस. सुरेश कुमार से फोन पर बातचीत की और उनके साहस, अनुशासन और फिटनेस के प्रति समर्पण की खुलकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को न केवल प्रशंसनीय बताया, बल्कि इसे देश के लोगों के लिए प्रेरणादायक भी कहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि एस. सुरेश कुमार द्वारा बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक साइकिल चलाना एक असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने के बाद इतनी लंबी दूरी तय करना उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और कभी हार न मानने वाले जज़्बे को दर्शाता है। पीएम मोदी ने इसे फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली का अहम संदेश भी बताया।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं सुरेश कुमार से फोन पर बात कर उन्हें इस प्रयास के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करती हैं और लोगों को सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं।
वहीं, विधायक एस. सुरेश कुमार ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री से हुई बातचीत को लेकर खुशी जताई। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी से फोन कॉल मिलना उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि 51 वर्षों के अंतराल के बाद यह उनकी दूसरी कन्याकुमारी साइकिल यात्रा थी, जिसे उन्होंने एक गंभीर बीमारी से उबरने के बाद पूरा किया।
राजाजीनगर से विधायक सुरेश कुमार ने यह यात्रा एक दुर्लभ बीमारी से स्वस्थ होने के बाद की। वे चिकनगुनिया एन्सेफेलोपैथी नामक बीमारी से पीड़ित हो गए थे, जिसके कारण वे महीनों तक बिस्तर पर रहने को मजबूर थे। इस बीमारी के दौरान वे अपनी उंगलियां तक हिलाने में असमर्थ हो गए थे और सामान्य जीवन लगभग ठहर सा गया था।
हालांकि, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों के बाद उन्होंने न केवल बीमारी को मात दी, बल्कि फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाते हुए बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की। यह यात्रा उन्होंने ‘राजाजीनगर पेडल पावर’ समूह के 12 सदस्यों के साथ मिलकर पांच दिनों में पूरी की।
उनकी यह उपलब्धि यह साबित करती है कि उम्र और बीमारी किसी भी व्यक्ति के सपनों और संकल्प के आगे बाधा नहीं बन सकती। सुरेश कुमार की यह साइकिल यात्रा आज देशभर में लोगों के लिए साहस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा बन चुकी है।
With Inputs from IANS


