आपकी ये 5 आदतें बिगाड़ सकती हैं थायराइड का संतुलन, आज ही सुधारें अपनी जीवनशैली

थायराइड की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें ही इस ग्रंथि को नुकसान पहुंचा रही हैं? एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. तिवारी ने ऐसी 5 आदतों के बारे में बताया है जो थायराइड फंक्शन को बिगाड़ सकती हैं.थायराइड ग्रंथि हमारे मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है. जब हम अपनी लाइफस्टाइल में लापरवाही बरतते हैं, तो हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है. डॉ. तिवारी ने कुछ आदतों के लेकर चेतावनी दी है.
7 घंटे से कम की नींद लेना
नींद के दौरान हमारा शरीर हार्मोन्स को 'रीसेट' और रिपेयर करता है. डॉ. तिवारी के अनुसार, "अगर आप लगातार 7 घंटे से कम सोते हैं, तो शरीर की प्राकृतिक लय (Natural Rhythm) बाधित हो जाती है. इससे थायराइड हार्मोन्स के उत्पादन और उनके सही उपयोग में कठिनाई होती है."
निरंतर तनाव (Chronic Stress)
आज के समय में तनाव जीवन का हिस्सा बन गया है, लेकिन लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर के रेगुलेटरी सिस्टम पर दबाव पड़ता है. यह थायराइड ग्रंथि को भेजे जाने वाले संकेतों को बदल देता है, जिससे हार्मोन उत्पादन असंतुलित हो जाता है.
खाना छोड़ना (Skipping Meals) और गलत खान-पान
डाइट ट्रेंड्स के चक्कर में खाना छोड़ना या 1,000 कैलोरी से कम लेना खतरनाक है. डॉ. तिवारी बताती हैं कि ऐसा करने से शरीर 'एनर्जी कंजर्व' मोड में चला जाता है और थायराइड से जुड़ी मेटाबॉलिक प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा चीनी शरीर में सूजन (Inflammation) पैदा करते हैं, जो थायराइड के कामकाज में बाधा डालते हैं.
गलत सप्लीमेंट्स का सेवन
वजन घटाने या एनर्जी बढ़ाने के नाम पर बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स लेना भारी पड़ सकता है. डॉ. तिवारी का कहना है कि बिना डॉक्टरी देखरेख के लिए गए सप्लीमेंट्स फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं और हार्मोन्स के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं.
शारीरिक व्यायाम की कमी
व्यायाम न करने से शरीर में मेटाबॉलिक विकार और सूजन बढ़ती है. सक्रिय न रहने से थायराइड ग्रंथि सुस्त हो जाती है, जिससे वजन बढ़ना और थकान जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.


