भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के लिए 1,06,530.42 करोड़ आवंटित किए हैं. यह पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के संशोधित अनुमानों से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है. पिछले 12 सालों में स्वास्थ्य बजट में कुल 194 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 'विकसित भारत 2047' के विजन की ओर एक बड़ा कदम है.

बजट 2026-27 की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)

वित्त मंत्री द्वारा घोषित इस बजट में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं. PM-ABHIM में भारी उछाल-प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) का आवंटन 67.66 प्रतिशत बढ़ाकर ₹4,770 करोड़ कर दिया गया है. इसका उद्देश्य जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का विस्तार करना है.

नया 'बायो फार्मा शक्ति' अभियान-बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ की राष्ट्रीय पहल शुरू की गई है. इससे दवाओं के आयात पर निर्भरता कम होगी.

कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती-बजट में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) पूरी तरह से हटा दिया गया है. इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी छूट दी गई है.

प्रमुख योजनाओं के लिए आवंटन

  • सरकार ने अपनी प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है
  • आयुष्मान भारत (PM-JAY)- इसका बजट बढ़ाकर 9,500 करोड़ कर दिया गया है, ताकि अधिक लाभार्थियों को कवर किया जा सके.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)-प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए इसे 39,390 करोड़ दिए गए हैं.
  • PMSSY (AIIMS का विस्तार)-नए एम्स (AIIMS) और मेडिकल कॉलेजों के अपग्रेडेशन के लिए 11,307 करोड़ का प्रावधान है. अब तक 22 एम्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से 18 पूरी तरह कार्यात्मक हैं.
  • NACO (एड्स नियंत्रण)-राष्ट्रीय एड्स और एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम के लिए आवंटन 30.64% बढ़ाकर ₹3,477 करोड़ किया गया है.

स्वास्थ्य अनुसंधान और बुनियादी ढांचा (Research & Infrastructure)

चिकित्सा अनुसंधान को गति देने के लिए स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) के बजट को 24% बढ़ाकर ₹4,821 करोड़ किया गया है. इसमें भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के लिए ₹4,000 करोड़ शामिल हैं. इमरजेंसी केयर और ट्रॉमा सेंटर-सरकार ने देश के प्रत्येक जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है. इससे आम नागरिकों को 24×7 सस्ती और त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सेवा मिल सकेगी.

कौशल विकास और डिजिटल हेल्थ

युवाओं के लिए अवसर-अगले 5 वर्षों में 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (Allied Health Professionals) तैयार करने के लिए 10 मुख्य विषयों में संस्थान स्थापित किए जाएंगे. साथ ही, बुजुर्गों की देखभाल के लिए 1.5 लाख जेरियाट्रिक केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा.आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन-डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए इसका बजट ₹350 करोड़ कर दिया गया है.मानसिक स्वास्थ्य- रांची और तेज़पुर के संस्थानों के अपग्रेडेशन के साथ उत्तर भारत में एक नया NIMHANS स्थापित करने का प्रस्ताव है.

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यूनियन बजट में इस साल काफी कुछ नया देखने को मिला है. पिछले वित्त वर्ष (2025-26) के संशोधित अनुमानों से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative