क्या है नोरोवायरस, केरल के वायनाड में पाए गए इसके मामले, जानिए लक्षण

नोरोवायरस (Norovirus) एक संक्रामक वायरस है जो पेट और आंतों में सूजन पैदा करता है, जिसे मेडिकल भाषा में 'गैस्ट्रोएंटेराइटिस' (Gastroenteritis) कहा जाता है. इसे अक्सर "विंटर वोमिटिंग बग" (Winter Vomiting Bug) भी कहा जाता है क्योंकि इसके मामले सर्दियों में ज्यादा बढ़ जाते हैं.
नोरोवायरस क्या है? (What is Norovirus?)
यह वायरस रोटावायरस के समान होता है जो गंभीर दस्त और उल्टी का कारण बनता है. यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है. इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बहुत तेजी से फैलता है और कम तापमान (ठंड) में भी जीवित रह सकता है.
लक्षण (Symptoms)
- संक्रमण के 12 से 48 घंटों के भीतर इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं.
- तेज उल्टी और मतली (जी मिचलाना): यह इसका सबसे प्रमुख लक्षण है.
- दस्त (Diarrhea): पानी जैसा पतला दस्त होना.
- पेट में ऐंठन और दर्द: पेट में मरोड़ उठना.
- अन्य: हल्का बुखार, सिरदर्द, थकान और शरीर में दर्द.
निर्जलीकरण (Dehydration)- बार-बार उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की भारी कमी हो सकती है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा हो सकती है.
संक्रमण के कारण (Causes & Spread)
- दूषित भोजन या पानी-संक्रमित व्यक्ति द्वारा छुआ गया भोजन या अस्वच्छ पानी पीने से.
- सीधा संपर्क- संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने या उनकी देखभाल करने से.
- सतह- वायरस से दूषित दरवाजे के हैंडल, नल या बर्तनों को छूने के बाद हाथ मुंह तक ले जाने से.
हालिया मामले (Recent Cases)
साल 2025 और 2026 की शुरुआत में दुनिया भर में नोरोवायरस के मामलों में वृद्धि देखी गई है. दिसंबर 2025 के अंत से जनवरी 2026 तक अमेरिका में कई आउटब्रेक (प्रकोप) दर्ज किए गए हैं. खासकर लॉस एंजिल्स और क्रूज जहाजों (जैसे हालैंड अमेरिका लाइन का रॉटरडैम जहाज) में सैकड़ों यात्री बीमार हुए हैं.
जनवरी 2026 की पहली छमाही में यूके में प्रयोगशाला रिपोर्टों में 27 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. यहां 65 साल से अधिक आयु के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. भारत में केरल जैसे राज्यों में समय-समय पर इसके छोटे प्रकोप देखे जाते रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी स्कूलों और छात्रावासों में स्वच्छता को लेकर लगातार अलर्ट जारी कर रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल दुनिया भर में इसके लगभग 68.5 करोड़ मामले आते हैं.
बचाव के उपाय (Prevention)
हाथों की सफाई- साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं (हैंड सैनिटाइजर इस वायरस पर बहुत प्रभावी नहीं होता)।
फलों-सब्जियों को धोना-कच्चा भोजन खाने से पहले उसे अच्छी तरह धोएं और समुद्री भोजन (Seafood) को पूरी तरह पकाकर खाएं।
दूरी बनाएं- संक्रमित व्यक्ति के लक्षण ठीक होने के 48 घंटे बाद तक दूसरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
सतहों को साफ करें- ब्लीच आधारित कीटाणुनाशक से घर की सतहों को साफ रखें.


