स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने 2030 तक बाल कैंसर में 60 प्रतिशत सर्वाइवल दर का लक्ष्य बताया

नई दिल्ली: स्वास्थ्य सेवाओं के उप महानिदेशक एल. स्वास्तिचरण ने रविवार को बताया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक बाल कैंसर में 60 प्रतिशत सर्वाइवल दर हासिल करना है।
अंतर्राष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सरकार के मानव संसाधन संरक्षण पर फोकस को रेखांकित किया और कहा कि किसी भी बच्चे को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। सभी बच्चों को स्वस्थ रहकर 2047 में विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
स्वास्तिचरण ने कहा कि हालांकि बाल कैंसर के लिए कोई अलग राष्ट्रीय नीति नहीं है, मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे में कैंसर पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और वित्तीय सहायता के कार्यक्रमों को शामिल करने की पर्याप्त गुंजाइश है। उन्होंने 9 राज्यों द्वारा बाल कैंसर को प्राथमिकता देने वाले समझौता ज्ञापनों की सराहना करते हुए सरकारों से सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि कोई बच्चा पीछे न रह जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि नीति निर्माताओं को बाल कैंसर के निदान, उपचार और प्रशिक्षण में मदद करने के लिए हितधारकों को लक्षित समाधान और डेटा प्रदान करना चाहिए।
कैनकिड्स किड्सकैन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में देखभाल तक पहुंच में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। 2019-20 में बाल कैंसर देखभाल की पहुंच 27 प्रतिशत थी, जो 2025 तक 54 प्रतिशत से अधिक हो गई। 9 राज्य सरकारों ने बाल कैंसर को बाल स्वास्थ्य प्राथमिकता के रूप में अपनाया है।
एम्स के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर समीर बख्शी ने बाल कैंसर रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और जीवन रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों की पहचान बढ़ाकर 2030 तक राष्ट्रीय सर्वाइवल दर को 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक लाना संभव है। (With inputs from IANS)


