कैंसर के बाद रिश्ते और सेक्स लाइफ - महिलाओं के लिए ज़रूरी बातें

एक स्वस्थ यौन जीवन (Sex Life) इंसान के जीवन का स्वाभाविक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन कैंसर और उसका इलाज महिलाओं की सेक्स लाइफ पर असर डाल सकता है — जैसे इच्छा कम होना, दर्द या असहजता महसूस होना और आत्मविश्वास पर असर। हर महिला का अनुभव अलग होता है। यह उम्र, कैंसर के प्रकार, दिए गए इलाज और पहले के यौन जीवन पर निर्भर करता है।
इस लेख में आसान भाषा में जानिए ये समस्याएँ क्यों होती हैं और सही जानकारी, बातचीत और इलाज से इन्हें कैसे बेहतर संभाला जा सकता है।
यह समस्या क्यों होती है?
कैंसर और उसके इलाज का असर सिर्फ बीमारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर, हार्मोन, मन और रिश्तों पर भी पड़ता है। इन्हीं बदलावों के कारण महिलाओं में यौन इच्छा, आराम और संतुष्टि में कमी आ सकती है। इसके कारण निम्नलिखित हैं:
1. भावनात्मक कारण: कैंसर का पता चलते ही मन में डर, चिंता, उदासी, गुस्सा या तनाव आना स्वाभाविक है। लगातार थकान और मानसिक दबाव के कारण मन सेक्स में रुचि नहीं ले पाता। इन भावनात्मक बदलावों से यौन इच्छा और आनंद दोनों कम हो सकते हैं।
2. रेडिएशन थेरेपी: अंडाशय (ovaries), गर्भाशय (uterus), सर्विक्स (cervix) या योनि (vagina) के कैंसर के इलाज में दी जाने वाली रेडिएशन थेरेपी से निजी अंगों पर असर पड़ सकता है। इसके कारण:
• योनि में सूखापन हो सकता है
• हल्का सुन्नपन महसूस हो सकता है
• अंदरूनी ऊतक सिकुड़ सकते हैं या कठोर हो सकते हैं
• संबंध बनाते समय दर्द हो सकता है
कुछ मामलों में यह इलाज समय से पहले रजोनिवृत्ति (पीरियड्स बंद होना) और गर्भधारण में कठिनाई का कारण भी बन सकता है।
3. कीमोथेरेपी: कीमोथेरेपी के दौरान मितली, उल्टी और बहुत ज़्यादा थकान महसूस हो सकती है। जब शरीर कमजोर और थका हुआ रहता है, तो यौन इच्छा स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है। कुछ कीमोथेरेपी दवाएँ अंडाशय पर असर डाल सकती हैं, जिससे पीरियड्स जल्दी बंद हो सकते हैं (समय से पहले रजोनिवृत्ति) और गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है।
4. सर्जरी: कैंसर के इलाज में की गई सर्जरी शरीर में स्थायी बदलाव ला सकती है, जिसका असर आत्मविश्वास और यौन जीवन पर पड़ सकता है।
• श्रोणि (पेल्विक) सर्जरी से योनि का आकार या अंदरूनी बनावट बदल सकती है।
• यदि दोनों अंडाशय हटा दिए जाएँ, तो तुरंत रजोनिवृत्ति (पीरियड्स बंद होना) हो जाती है।
• स्तन की सर्जरी के बाद कई महिलाओं को अपने शरीर को लेकर असहजता महसूस हो सकती है।
• कोलन या ब्लैडर सर्जरी के बाद पेट पर थैली (स्टोमा) होने से संकोच या झिझक हो सकती है।
5. हार्मोन या अन्य दवाएँ
कैंसर के इलाज में दी जाने वाली कुछ हार्मोन दवाओं से शरीर में बदलाव आ सकते हैं, जैसे हॉट फ्लैश (अचानक गर्मी लगना), योनि में सूखापन या यौन इच्छा में कमी होना।
इसके अलावा, दर्द कम करने वाली दवाएँ और अवसाद (डिप्रेशन) की दवाएँ भी कभी-कभी सेक्स की इच्छा और आनंद को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके लक्षण क्या हो सकते हैं?
कैंसर से जुड़ी यौन समस्या के लक्षण हर महिला में अलग हो सकते हैं। कुछ लक्षण हल्के होते हैं, जबकि कुछ ज्यादा परेशान करने वाले हो सकते हैं। सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:
• सेक्स में रुचि कम होना
• योनि में सूखापन
• संबंध बनाते समय दर्द या असहजता
• चरमसुख (ऑर्गैज़्म) पाने में कठिनाई
• मासिक धर्म (पीरियड्स) बंद होना
• गर्भधारण में दिक्कत
• पति-पत्नी या साथी के रिश्ते में तनाव
यदि इनमें से कोई भी समस्या महसूस हो, तो डॉक्टर से खुलकर बात करना महत्वपूर्ण है।
डॉक्टर से कैसे बात करें?
कई बार डॉक्टर इस विषय पर खुद बात शुरू नहीं करते। यदि आपको यौन जीवन से जुड़ी कोई परेशानी है, तो बिना झिझक अपनी समस्या बताएं। यह आपकी सेहत का अहम हिस्सा है। डॉक्टर आपकी मदद के लिए ज़रूरत हो तो:
• शारीरिक या स्त्रीरोग जांच कर सकते हैं
• हार्मोन की जाँच कर सकते हैं
• आपकी भावनात्मक स्थिति और रिश्तों के बारे में समझने की कोशिश कर सकते हैं
खुलकर बात करने से सही इलाज और सलाह मिलना आसान हो जाता है।
उपचार के क्या-क्या विकल्प उपलब्ध हैं?
इलाज आपकी समस्या के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। सही सलाह से अधिकांश समस्याओं में सुधार संभव है। कुछ सामान्य उपचार इस प्रकार हैं:
• योनि के सूखेपन के लिए लुब्रिकेंट (जेल) या मॉइस्चराइज़र का उपयोग
• डॉक्टर की सलाह से एस्ट्रोजन क्रीम या हार्मोन थेरेपी
• पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज या फिजियोथेरेपी से मांसपेशियों को मजबूत करना
• यदि योनि में सिकुड़न हो, तो स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज
• भावनात्मक और रिश्तों से जुड़ी परेशानी के लिए काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी
• जरूरत पड़ने पर अवसाद या चिंता की दवाएँ
• भविष्य में मां बनने की योजना हो, तो इलाज से पहले अंडाणु या भ्रूण सुरक्षित (फ्रीज) कराने पर विचार
सही समय पर सलाह लेने से जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
घर पर क्या करें?
1.जीवनशैली: अपनी रोज़मर्रा की जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाना बहुत फायदेमंद हो सकता है।
• डॉक्टर की सलाह लेकर नियमित हल्का व्यायाम करें, क्योंकि इससे शरीर में ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है।
• संतुलित आहार लेकर स्वस्थ वजन बनाए रखें।
• धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें, क्योंकि ये शरीर की रिकवरी को धीमा कर सकते हैं।
• यदि आप शराब पीती हैं, तो इसे सीमित मात्रा में ही लें।
स्वस्थ जीवनशैली आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य—दोनों को बेहतर बनाने में मदद करती है।
2. यौन जीवन:
• यौन जीवन में बदलाव आने पर सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अपने साथी से खुलकर और ईमानदारी से बात करें। अपनी भावनाएँ, डर और अपेक्षाएँ साझा करने से आप दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझ पाएंगे।
• याद रखें, नज़दीकी केवल संभोग तक सीमित नहीं है—स्पर्श, साथ बैठना, गले लगाना और समय बिताना भी प्यार और अंतरंगता का हिस्सा है।
• कौन-सी गतिविधियाँ आपके लिए सुरक्षित हैं, यह अपने डॉक्टर से अवश्य पूछें।
• यदि ज़रूरत महसूस हो, तो दंपत्ति काउंसलिंग लेने से भी रिश्ते में समझ और सहयोग बढ़ सकता है।
3. भावनात्मक देखभाल: कैंसर और उसके इलाज के बाद यौन जीवन में बदलाव आने से उदासी, शोक या खालीपन महसूस होना बिल्कुल सामान्य है। इन भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना और उनके बारे में बात करना ज़रूरी है।
• आप किसी कैंसर सपोर्ट ग्रुप से जुड़ सकती हैं, जहाँ समान अनुभव वाली महिलाएँ एक-दूसरे का सहारा बनती हैं।
• यदि भावनाएँ अधिक परेशान कर रही हों, तो मनोवैज्ञानिक या काउंसलर से मिलना भी बहुत मददगार हो सकता है।
मानसिक संतुलन और भावनात्मक सहयोग आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक इलाज।
कब तुरंत मदद लें?
यदि आपको बहुत गहरी उदासी, घबराहट या निराशा महसूस हो रही है, या आपके मन में खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें।
ऐसी स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर, नज़दीकी अस्पताल या आपातकालीन सेवा से संपर्क करें। समय पर मदद लेना आपकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है।
याद रखें : कैंसर के बाद भी जीवन और निकटता खत्म नहीं होती
कैंसर का इलाज केवल शरीर का इलाज नहीं है—यह मन और रिश्तों को भी प्रभावित करता है। यौन समस्याएँ शर्म की बात नहीं हैं और न ही इन्हें नजरअंदाज करना चाहिए। सही जानकारी, खुली बातचीत और विशेषज्ञ की मदद से आप फिर से एक संतुलित और संतोषजनक जीवन जी सकती हैं।
स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और संबंध—तीनों की देखभाल ज़रूरी है!


