इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 33 मातृत्व समर्पित एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई। ये एंबुलेंस राज्य के सभी 16 जिलों में तैनात की जाएंगी, जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इन एंबुलेंस की व्यवस्था उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के वित्तीय सहयोग से की गई है, जबकि इन्हें स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, मणिपुर द्वारा खरीदा गया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दूरदराज इलाकों तक मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और आपातकालीन स्थितियों में तेज़ी से मदद उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंफाल पूर्व जिले में स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) में आयोजित सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में भी हिस्सा लिया। यह अभियान विशेष रूप से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए शुरू किया गया है, ताकि उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाया जा सके।

यह राष्ट्रीय अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर से वर्चुअल माध्यम के जरिए देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ शुरू किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जेएनआईएमएस में बनाए गए पंजीकरण काउंटर, टीकाकरण कक्ष और ऑब्जर्वेशन रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और लाभार्थियों से बातचीत की और एचपीवी वैक्सीन लेने वाली एक बालिका को टीकाकरण प्रमाणपत्र भी सौंपा। साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर की आंतरिक सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान को निवारक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है।

एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावायरस संक्रमण से बचाव करती है, जो सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। इस अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं को एकल खुराक के रूप में यह टीका दिया जा रहा है।

इसी बीच मिजोरम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री लालरिनपुई ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि मिजोरम में प्रति लाख आबादी पर कैंसर के मामलों की संख्या देश में सबसे अधिक है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने जानकारी दी कि टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई के निदेशक के अनुसार मिजो समुदाय में कैंसर के अधिक मामलों का संबंध अत्यधिक तंबाकू सेवन, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और खराब खानपान से हो सकता है। शोध के मुताबिक, धूम्रपानयुक्त और प्रसंस्कृत मांस, पोर्क फैट का अधिक सेवन और तंबाकू का व्यापक उपयोग राज्य में कैंसर के मामलों को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे सामान्य है, जबकि इसके बाद सर्वाइकल कैंसर का स्थान आता है। उन्होंने कहा कि लगभग 99.7 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामले एचपीवी संक्रमण के कारण होते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा एचपीवी वैक्सीन को निःशुल्क उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।

पूर्वोत्तर भारत के अन्य राज्यों ने भी इस राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। (With inputs from IANS)

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मणिपुर में 33 मातृत्व एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई गई और पूर्वोत्तर राज्यों ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में हिस्सा लिया।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.