नई दिल्ली: एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) एक आम लेकिन गंभीर वायरस संक्रमण है, जो आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण बन सकता है। इसी संक्रमण से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन दी जाती है।

हालांकि, कई लोगों के मन में यह शंका रहती है कि क्या एचपीवी वैक्सीन लेने से पीरियड्स साइकिल प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की आशंकाएं अक्सर गलतफहमियों पर आधारित होती हैं और वैज्ञानिक तथ्यों से इनका कोई ठोस संबंध नहीं है।

अब तक हुए कई वैज्ञानिक अध्ययनों और शोधों से यह स्पष्ट हुआ है कि एचपीवी वैक्सीन का मासिक धर्म चक्र पर कोई स्थायी या हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीरियड्स के दौरान भी एचपीवी वैक्सीन लगवाना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। मासिक धर्म महिला शरीर की एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसका वैक्सीन के प्रभाव से कोई सीधा संबंध नहीं होता।

कुछ मामलों में वैक्सीन लेने के बाद शरीर में हल्की-फुल्की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। उदाहरण के लिए, इंजेक्शन लगने वाली जगह पर हल्का दर्द, थकान महसूस होना या हल्का बुखार आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि ये लक्षण आमतौर पर बहुत हल्के होते हैं और एक-दो दिन के भीतर अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन सामान्य प्रतिक्रियाओं का पीरियड्स साइकिल से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं पाया गया है।

कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि वैक्सीन लगवाने के आसपास के समय में किसी लड़की या महिला के पीरियड्स थोड़ा पहले या थोड़ा देर से आ जाएं। लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि इसके पीछे कई अन्य कारण हो सकते हैं, जैसे मानसिक तनाव, पर्याप्त नींद न मिलना, खानपान में बदलाव, पढ़ाई या काम का दबाव, हार्मोनल उतार-चढ़ाव या यात्रा जैसी परिस्थितियां।

इसलिए यदि वैक्सीन लेने के बाद पीरियड्स में मामूली बदलाव महसूस हो, तो जरूरी नहीं कि इसकी वजह वैक्सीन ही हो। ज्यादातर मामलों में मासिक धर्म चक्र कुछ समय बाद स्वतः ही सामान्य हो जाता है।

दरअसल एचपीवी वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य शरीर को उस वायरस से सुरक्षा प्रदान करना है, जो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। यही कारण है कि दुनिया भर के स्वास्थ्य संगठन और चिकित्सा विशेषज्ञ किशोरियों और युवा महिलाओं को यह टीका लगवाने की सलाह देते हैं। कई देशों में तो इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा भी बना दिया गया है, ताकि कैंसर की रोकथाम को और प्रभावी बनाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करना अधिक जरूरी है, क्योंकि यह टीका महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। (With inputs from IANS)

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एचपीवी वैक्सीन और पीरियड्स साइकिल को लेकर फैली भ्रांतियों के पीछे के तथ्य जानें।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.