Cervical Cancer Prevention: आंध्र प्रदेश में तेज हुआ HPV टीकाकरण अभियान; केंद्र ने भेजी वैक्सीन की नई खेप, जानें क्यों है यह जरूरी

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को HPV वैक्सीन की 1,90,890 दूसरे फेज की खुराकें भेजी हैं. इससे पहले पिछले महीने प्रथम चरण के तहत 1,90,800 खुराकें भेजी गई थीं. अब तक राज्य को कुल 3,81,780 वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुके हैं. यह अभियान मुख्य रूप से 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को लक्षित कर रहा है ताकि उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम से बचाया जा सके. दसवीं की सार्वजनिक परीक्षाएं खत्म होने के साथ ही, अब इस टीकाकरण अभियान में तेजी आने की उम्मीद है. यह अभियान इस साल मई तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा.
HPV वैक्सीन क्या है और यह क्यों जरूरी है?
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) एक बहुत सामान्य वायरस है जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण बनता है. यह वैक्सीन शरीर को उन विशिष्ट HPV स्ट्रेन से लड़ने के लिए तैयार करती है जो कैंसर पैदा करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार, यह टीका कम उम्र (9 से 14 वर्ष) में सबसे अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि इस समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर प्रतिक्रिया देती है. भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है. आंकड़ों के अनुसार, हर साल हजारों महिलाएं इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवाती हैं. HPV वैक्सीन इस खतरे को 90 प्रतिशत तक कम करने की क्षमता रखती है.
टीकाकरण के लाभ और सुरक्षा
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं ने इस वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी माना है.
- यह न केवल सर्वाइकल कैंसर, बल्कि योनि और गले के कुछ अन्य कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करती है.
- समय पर ली गई दो खुराकें जीवनभर के लिए सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं.
अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव
अपनी बेटियों को स्कूल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में यह टीका जरूर लगवाएं. अन्य टीकों की तरह, इसमें भी इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द या सूजन हो सकती है, जो सामान्य है. वैक्सीन के साथ-साथ, वयस्क महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर (Pap Smear) टेस्ट करवाते रहना चाहिए.


