क्या पीरियड्स के दौरान एचपीवी वैक्सीन लगवाना है सेफ? जानिए

नई दिल्ली: सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए भारत सरकार ने 14 साल तक की लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी वैक्सीन अभियान शुरू किया है। इसके बावजूद, कई माता-पिता और लड़कियों के बीच वैक्सीन को लेकर कुछ शंकाएँ और सवाल उत्पन्न होते हैं। इनमें सबसे आम सवाल यह है कि क्या पीरियड्स के दौरान एचपीवी वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान एचपीवी वैक्सीन लेना पूरी तरह सुरक्षित है। यह वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकने के लिए बनाई गई है और यह शरीर के हार्मोनल चक्र या पीरियड्स की नियमितता को प्रभावित नहीं करती। वैक्सीन का असर केवल शरीर में एंटीबॉडी बनाने और संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने तक ही सीमित होता है।
एचपीवी वैक्सीन को पहली बार 2006 में दुनिया में पेश किया गया था और उसके बाद से इसकी सुरक्षा और प्रभाव पर लगातार शोध हो रहे हैं। वर्षों के अनुभव में हजारों लड़कियों और महिलाओं को यह वैक्सीन दी जा चुकी है, और किसी भी लंबी अवधि के दौरान मासिक धर्म में बदलाव या गंभीर दुष्प्रभाव का कोई प्रमाण नहीं मिला है। डॉक्टर और विशेषज्ञ हमेशा यही सलाह देते हैं कि पीरियड्स किसी भी वैक्सीनेशन का बाधक नहीं हैं।
कभी-कभी लोग यह मान लेते हैं कि मासिक धर्म के दौरान शरीर ज्यादा संवेदनशील होता है और वैक्सीन लगवाने से कोई जोखिम हो सकता है। यह धारणा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। इस समय भी शरीर वैक्सीन को सामान्य रूप से स्वीकार करता है और एंटीबॉडी का निर्माण करता रहता है। कुछ लड़कियों में हल्का दर्द, थकान या हल्का बुखार जैसी सामान्य वैक्सीन प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं, लेकिन यह पीरियड्स के कारण नहीं होतीं। ऐसे मामलों में डॉक्टर सामान्य तौर पर आराम करने, हल्का दर्द होने पर पेनकिलर लेने और शरीर को पर्याप्त आराम देने की सलाह देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन हर लड़की के लिए जरूरी है, लेकिन किशोरावस्था में इसे लगवाना सबसे अच्छा माना जाता है। क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन की केवल एक डोज भी काफी प्रभावकारी साबित हो सकती है। इस प्रकार, पीरियड्स के दौरान वैक्सीनेशन में कोई चिकित्सीय रोक नहीं है, और समय पर इसे लगवाना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। (With inputs from IANS)


