अक्‍सर डॉक्‍टर्स द्वारा काली खांसी को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। काली खांसी से संक्रमित व्‍यक्ति से यह बीमारी बहुत तेजी से फैल सकती है। इसलिए इस बीमारी से बचाव के लिए टीका लगवाने की सलाह दी जाती है।

काली खांसी का टीका क्या है

काली खांसी से बचाने वाला टीका होता है Whooping Cough Vaccine। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैल सकती है। इस बीमारी के संक्रमण से बचने के लिए बार-बार हाथ धोना और खांसते समय मुंह ढकने की सलाह दी जाती है। लेकिन इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण ही सबसे प्रभावी तरीका माना गया है।

किन लोगों को जरूर लगवाना चाहिए ये टीका

हेल्‍थ एक्‍सपर्ट के अनुसार, ये टीका शिशु, बच्चों, किशोर, वयस्क व गर्भवती महिलाओं को जरूर लगवाना चाहिए. खास तौर पर 1 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण टीका माना जाता है क्योंकि उनमें इस बीमारी से मौत का खतरा अधिक होता है।

काली खांसी के टीके कितनी तरह के होते हैं

1. DTaP वैक्सीन

यह टीका 7 साल से कम उम्र के बच्चों को दिया जाता है। यह टीका मुख्‍य रूप से तीन बीमारियों डिप्थीरिया (Diphtheria), टिटनेस (Tetanus) व काली खांसी (Pertussis) से बचाव प्रदान करता है। कई बार इस टीके को अन्य टीकों (जैसे पोलियो या हेपेटाइटिस-B) के साथ मिलाकर भी दिया जाता है।

2. Tdap वैक्सीन

यह बूस्टर डोज होती है जो बड़े बच्चों, किशोरों और वयस्कों को दी जाती है। इसे बच्चों को 11–12 वर्ष की उम्र में व वयस्कों को लगभग हर 10 साल में एक बार लेने की सलाह दी जात है.

क्या वैक्सीन के बाद भी काली खांसी हो सकती है?

इसे लेकर हेल्‍थ एक्‍सपर्ट की मिली-जुली राय है। हालांकि कभी-कभी वैक्सीन लेने के बाद भी काली खांसी हो सकती है, क्योंकि समय के साथ इसकी सुरक्षा कम हो सकती है। यही कारण है कि डॉक्‍टर्स इस वैक्‍सीन का बूस्टर डोज लेने की सलाह देते हैं।

टीका लगाने के बाद क्‍या साइड इफेक्ट होते हैं?

ज्‍यादातर मामलों में इस टीके को लगवाने के बाद दुष्प्रभाव हल्के देखे गए हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सूजन का हो जाना, हल्का बुखार होना या थकान महसूस होना, भूख कम लगना, उल्टी या चिड़चिड़ापन का होना। ये समय के साथ खत्‍म हो जाते हैं। गंभीर लक्षण दिखने पर हेल्‍थ एक्‍सपर्ट से संपर्क करना चाहिए।

किन लोगों को लगवानी चाहिए ये वैक्‍सीन

DTaP और Tdap वैक्सीन बच्चों और वयस्कों को डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए इसे लगवाना चाहिए। नियमित टीकाकरण से इन बीमारियों के फैलने की संभावना काफी कम होती देखी गई है।

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अक्‍सर डॉक्‍टर्स द्वारा काली खांसी को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
Arti Mishra
Arti Mishra

Arti Mishra has nearly one and a half decades of experience in journalism. She has extensive experience writing on topics related to health, food, lifestyle, fashion, beauty, relationships, religion, and astrology. She holds a PG Diploma in Journalism from YMCA. She began her career in print journalism and has worked in both feature writing and the news section. Over the years, she has worked with prominent media organisations including Zee News, Aaj Tak, Hindustan, Amar Ujala, and contributed for many publishers like NDTV.